मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित विश्वप्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर परिसर में सोमवार, 5 मई 2025 को दोपहर लगभग 12 बजे भीषण आग लग गई। आग मंदिर के शंख द्वार के पास स्थित कंट्रोल रूम की छत पर लगी, जहां प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की बैटरियां और सोलर पैनल स्थापित थे। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया गया है।

आग इतनी तीव्र थी कि धुएं का गुबार एक किलोमीटर दूर से भी दिखाई दे रहा था, जिससे श्रद्धालुओं और मंदिर कर्मचारियों में अफरातफरी मच गई। आग की सूचना मिलते ही दमकल की तीन गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और लगभग 20 मिनट में आग पर काबू पा लिया गया।

घटना की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर रोशन सिंह, एसपी प्रदीप शर्मा और नगर निगम कमिश्नर आशीष पाठक सहित वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। आग लगने के दौरान एक मंदिर कर्मचारी के दोनों हाथ झुलस गए, जिन्हें तत्काल उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।

धार्मिक विशेषज्ञों के अनुसार, इस प्रकार की घटनाएं पवित्र स्थलों पर चेतावनी या दुष्परिणाम के संकेत के रूप में देखी जाती हैं। ज्योतिषाचार्य डॉ. एन.के. बेरा ने इसे ब्रह्मांडीय ऊर्जा में असंतुलन का संकेत बताया है और पूजा-पाठ, हवन, रुद्राभिषेक जैसे उपाय करने की सलाह दी है।





