मुज़फ़्फ़रपुर | शहर के खेल जगत और समाजसेवा के क्षेत्र में एक अपूरणीय क्षति की ख़बर ने सबको शोकसंतप्त कर दिया है। मुज़फ़्फ़रपुर को राष्ट्रीय फलक पर फ़ुटबॉल के माध्यम से पहचान दिलाने वाले प्रतिष्ठित समाजसेवी और लोकप्रिय खेलप्रेमी चन्द्रशेखर कुमार ‘चन्दु’ का असामयिक निधन हो गया है।

चन्द्रशेखर ‘चन्दु’ न केवल एक आयोजनकर्ता थे, बल्कि एक विचार, एक जुनून और एक समर्पण का नाम थे, जिन्होंने मुज़फ्फ़रपुर स्पोर्टिंग क्लब को 1986 में स्थापित किया और फिर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। उन्होंने जिले, राज्य और राष्ट्रीय स्तर की अनेक प्रतिष्ठित फुटबॉल प्रतियोगिताओं का सफल संचालन कर मुज़फ्फ़रपुर को खेल मानचित्र पर गौरवपूर्ण स्थान दिलाया।
उनकी अगुवाई में मौलाना अबुल कलाम आज़ाद फुटबॉल टूर्नामेंट, स्व. रामेश्वर लाल विजसज्जक टूर्नामेंट, और अखिल भारतीय चतुर्भुज राम मेमोरियल जैसी प्रतियोगिताएँ न केवल खेल को बढ़ावा देती रहीं, बल्कि युवाओं को भी एक नयी दिशा देती रहीं। उन्होंने ललित-विजय स्मारक फुटबॉल टूर्नामेंट के ज़रिये बिहार को एक नई पहचान दी।

उनका जीवन खेल को समर्पित था, और उन्होंने मुज़फ्फ़रपुर स्पोर्टिंग क्लब को ऐसी संस्था बना दिया जहाँ से प्रशिक्षित खिलाड़ी आज देश के विभिन्न क्षेत्रों (रेलवे, एयरफोर्स, एलआईसी, आदि) में अपनी सेवाएँ दे रहे हैं।
उनकी दूरदृष्टि, कार्यकुशलता और नेतृत्व क्षमता के कारण स्पोर्टिंग क्लब से जुड़े खिलाड़ी आज एयरफोर्स, रेलवे, एलआईसी, एवं अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। फुटबॉल को सामाजिक चेतना और युवा ऊर्जा से जोड़ने वाले इस सशक्त व्यक्तित्व के जाने से मुज़फ्फ़रपुर ने एक रत्न खो दिया है।

मुज़फ्फरपुर न्यूज़ परिवार की ओर से विशेष श्रद्धांजलि
मुज़फ्फरपुर न्यूज़ के संस्थापक-संपादक प्रकाश सिन्हा एवं वरिष्ठ पत्रकार महेश प्रसाद सिन्हा ने चन्द्रशेखर कुमार ‘चन्दु’ के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि—
“चन्दु जी जैसे कर्मठ, समर्पित और जमीन से जुड़े आयोजक का जाना सिर्फ खेल-जगत की नहीं, सामाजिक चेतना की भी क्षति है। उन्होंने न केवल मुज़फ्फ़रपुर को राष्ट्रीय फुटबॉल मानचित्र पर स्थापित किया, बल्कि हज़ारों युवाओं के जीवन को दिशा दी। उनकी सादगी, समर्पण और सकारात्मक दृष्टिकोण सदैव प्रेरणा देता रहेगा। हम उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।”
मुज़फ्फरपुर न्यूज़ परिवार और समस्त खेलप्रेमी समाज ईश्वर से प्रार्थना करता है कि दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और शोकाकुल परिवार को यह दुःख सहने की शक्ति दें।
उनका जाना न केवल खेल-जगत, बल्कि समूचे समाज के लिए एक बहुत बड़ी क्षति है।
प्रशिक्षक, खिलाड़ी, मीडिया प्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी व खेलप्रेमी समाज उनके योगदान को सदैव स्मरण रखेगा।
