टिप्पर के हिमस्खलन की चपेट में आने से सेना के पांच पोर्टरों की मौत, पांच लापता

जम्मू-कश्मीर के लेह जिले के खार्दुंगला पास इलाके में शुक्रवार को एक टिप्पर के हिमस्खलन की चपेट में आने से सेना के पांच पोर्टरों की मौत हो गई, जबकि पांच अब भी लापता हैं। बचाव कार्य में हेलीकॉप्टर की भी मदद ली गई। लेह की एसएसपी सरगुन शुक्ला ने बताया कि रेसक्यू ऑपरेशन जारी है। अभी तक पांच शव बरामद हुए हैं।

वहीं, राज्य सरकार ने मारे गए पोर्टरों के परिवार वालों के लिए 5 लाख रुपए राहत राशि देने का एलान किया है। सेना के एक अधिकारी ने बताया कि खार्दुंगला पास से दक्षिण पुललू के पास दो ट्रक और 10 लोग करीब 20 फुट नीचे हिमस्खलन में दब गए। सूचना पर सेना की टुकड़ी पौने आठ बजे मौके पर पहुंची। इसके तुरंत बाद सेना की फायर एंड फ्यूरी कोर ने अपने सभी संसाधनों को सक्रिय कर दिया और सर्च व रेसक्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया। पांच के शव बरामद किए जा चुके हैं।

इनकी शिनाख्त नूरबू छेरिंग, थिनलेस स्पालजांग, छिवांग ताशी, छिवांग नूरबू व लोबजांग छोमबेल के रूप में हुई है। हेलीकॉप्टरों के जरिये सियाचिन बेस कैंप से आधुनिक उपकरणों से लैस सेना की विशेष एवलांच रेसक्यू पैंथर्स टीम को भी घटनास्थल पर पहुंचाया गया। हेलीकॉप्टरों की मदद से डीप सर्च रडार भी मौके पर पहुंचाए गए।

इसके अलावा डॉक्टर, नर्सिंग असिस्टेंट की टीम, कंबल और गरम कपड़े जैसी जरूरत की चीजें भी मौके पर पहुंचाई गई। फायर एंड फ्यूरी कोर के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल वाईके जोशी ने ऑपरेशन का हवाई निरीक्षण किया और प्रशासन को हर संभव मदद का आश्वासन दिलाया। हिमस्खलन में सभी 10 लोगों के मारे जाने की आशंका है। शुक्रवार शाम को बचाव कार्य रोक दिया गया। आज फिर बचाव कार्य किया जा रहा है

राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने हिमस्खलन में मारे गए लोगों के प्रति संवेदना जताई है। उन्होंने मृतकों के परिवार के लिए पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि ईश्वर मृतकों की आत्मा को शांति प्रदान करे। साथ ही दुख की इस घड़ी में परिजनों को सहनशक्ति प्रदान करे।

पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला व महबूबा मुफ्ती ने भी हिमस्खलन में मारे गए लोगों के प्रति दुख व्यक्त किया है। पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा ने कहा कि हिमस्खलन में लोगों की मौत पर गहरा दुख है। उन्होंने इनके परिवार के प्रति गहरी संवेदना जताई है।

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