गोपालगंज: बिहार के गोपालगंज जिले के कुचायकोट विधानसभा क्षेत्र से जेडीयू विधायक अमरेन्द्र कुमार पांडेय उर्फ पप्पू पांडेय, उनके भाई सतीश पांडेय और चार्टर्ड अकाउंटेंट राहुल तिवारी के खिलाफ एमपी-एमएलए विशेष कोर्ट ने गैर-जमानती वारंट जारी कर दिया है. तीनों पर फर्जी कागजात तैयार करके भू-माफियाओं के साथ साठगांठ कर जमीन कब्जाने की साजिश रचने का गंभीर आरोप है.

पुलिस ने शुरू की छापेमारी
वारंट जारी होने के बाद आज गोपालगंज और मोतिहारी जिले की पुलिस की टीमों ने विधायक के पैतृक गांव तुलसिया समेत विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी शुरू कर दी है. एसपी विनय तिवारी के निर्देश पर दो अलग-अलग टीमों का गठन किया गया है. सूत्रों के मुताबिक, वारंट निकलने के बाद तीनों आरोपित अंडरग्राउंड हो गए हैं और उनकी गिरफ्तारी किसी भी समय हो सकती है.

क्या है पूरा मामला? शिकायतकर्ता का आरोप
मीरगंज थाना क्षेत्र के सेमराव गांव निवासी जितेन्द्र कुमार राय ने एक अप्रैल को कुचायकोट थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी. शिकायत में बताया गया कि बेलवा गांव में किरण सिन्हा की 16 एकड़ 93 डिसमिल जमीन पर आरोपितों ने दबाव बनाकर फर्जी तरीके से कब्जा करने की कोशिश की. उन्होंने ताले तोड़े, अपना ताला लगाया और जानलेवा फायरिंग भी की. शिकायतकर्ता ने सतीश पांडेय और अमरेन्द्र कुमार पांडेय उर्फ पप्पू पांडेय को साजिश का मुख्य आरोपी बताया.

भू-माफियाओं को संरक्षण देने का आरोप
पुलिस जांच में आरोप है कि विधायक और उनके करीबियों ने अपने पद और प्रभाव का दुरुपयोग करते हुए भू-माफियाओं के साथ मिलकर विवादित भूमि पर अवैध कब्जे की साजिश रची. कुचायकोट पुलिस ने कोर्ट में फरारी रिपोर्ट दाखिल कर वारंट का आवेदन किया, जिस पर कोर्ट ने तुरंत कार्रवाई करते हुए गैर-जमानती वारंट जारी कर दिया.

राजनीतिक सरगर्मी तेज
इस घटना से गोपालगंज सहित पूरे बिहार की राजनीति में हलचल मच गई है. विपक्षी दलों ने मामले को लेकर नीतीश कुमार सरकार पर हमला बोल दिया है और भू-माफिया संरक्षण का आरोप लगाया है. वहीं, विधायक समर्थकों का दावा है कि यह राजनीतिक साजिश है और वे कानूनी लड़ाई लड़ेंगे.

एसपी का सख्त रुख, भू-माफियाओं पर अभियान तेज
गोपालगंज के एसपी विनय तिवारी ने कहा कि भू-माफियाओं को संरक्षण देने या अपराधियों का मनोबल बढ़ाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा. पुलिस ने जिले में सक्रिय भू-माफियाओं के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है और करीब एक दर्जन अपराधी प्रवृत्ति के लोगों को चिन्हित किया गया है. तीनों आरोपितों की जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित करने का दावा किया गया है.

विधायक की बढ़ती चुनौतियां
कुचायकोट से लगातार कई बार विधायक चुने जा चुके पप्पू पांडेय जेडीयू के प्रभावशाली नेता माने जाते हैं. हालांकि, इस मामले ने उनकी मुश्किलें बढ़ा दी हैं. पुलिस की सक्रियता और कोर्ट का कड़ा रुख अब देखना होगा कि विधायक इस कानूनी उलझन से कैसे बाहर निकलते हैं.
