अररिया: बिहार के अररिया जिले में परमान नदी पर बना झमटा-महिषाकोल पुल धंस गया है. करीब 7 करोड़ 32 लाख रुपये की लागत से 2022 में बने पुल का पाया धंसने से रेलिंग और स्लैब में दरार आई है और पुल की संरचना कई जगह कमजोर हो गई है. मौके पर स्थानीय लोगों की भीड़ जुटी और प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की गई. वहीं प्रशासन ने भारी वाहनों के आने-जाने पर रोक लगा दी गई है.

अररिया में परमान नदी पर बने पुल में दरार
स्थानीय लोगों के अनुसार, इस 206.72 मीटर लंबे पुल का निर्माण कार्य मई 2022 में हुआ था. स्थानीय लोगों ने बताया कि महज तीन साल के भीतर ही नदी की तेज धार के सामने पुल का पाया नीचे की ओर धंस गया है, जिससे ऊपर की मुख्य रेलिंग में बड़ी-बड़ी दरारें आ चुकी हैं.

भारी वाहनों का आवागमन रुका, 1.5 लाख आबादी प्रभावित
परमान नदी पर बना झमटा-महिषाकोल पुल फारबिसगंज के खवासपुर बाजार और अररिया-कुर्साकांटा को जोड़ती है. इसके क्षतिग्रस्त होने से महिषाकोल, झमटा, खवासपुर और कौआचार समेत आसपास की कई पंचायतों की करीब डेढ़ लाख की आबादी प्रभावित हुई हैं. इन इलाकों का सीधा संपर्क कट जाने से लोगों को कठिनाइयों का सामने करना पड़ रहा है.
पुल का पाया धंसा, मौके पर पहुंचे अधिकारी
पुल का पाया धंसने की खबर के बाद विभाग में हड़कंप मच गया है. ग्रामीण कार्य प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता चंद्रशेखर कुमार के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय जांच दल ने गुरुवार को घटना स्थल का भौतिक निरीक्षण किया. जांच के बाद टीम के सदस्यों ने अररिया जिला पदाधिकारी से मुलाकात कर उन्हें वस्तुस्थिति की जानकारी दी.

जिला पार्षद ने की दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग
वहीं जिला पार्षद सबा फैसल और फैसल जावेद यासीन ने भी जिलाधिकारी को आवेदन देकर इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय तकनीकी जांच कराने और दोषी इंजीनियरों और संवेदक पर सीधे एफआईआर दर्ज करने की मांग की है.
पुल निर्माण के दौरान लोगों ने किया था विरोध
स्थानीय नागरिकों के अनुसार पुल निर्माण के दौरान ही संवेदक द्वारा भारी अनियमितता और घटिया सामग्री का उपयोग किया जा रहा था, जिसे लेकर ग्रामीणों ने एकजुट होकर काम तक रुकवा दिया था. स्थानीय जिला पार्षद सबा फैसल ने कई बार संबंधित ठेकेदार और विभागीय इंजीनियरों को लिखित व मौखिक शिकायत दी थी. इसके बावजूद आनन-फानन में निर्माण कार्य पूरा करा दिया गया.

क्या कहते हैं अधिकारी?
कार्यपालक अभियंता चंद्रशेखर कुमार ने कहा कि, मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी विनोद दुहन ने ग्रामीण कार्य विभाग को स्थल का निरीक्षण कर जांच रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया है. उन्होंने बताया कि, पुल अभी डीएलपी अवधि में है, इसलिए संवेदक प्रकाश कंस्ट्रक्शन को आधिकारिक तौर पर नोटिस जारी कर दिया गया है.