तेजस्वी यादव का बिहार सरकार पर तीखा हमला: कानून व्यवस्था, घोटालों और छात्र आंदोलनों पर घेरा, कल राजभवन मार्च का एलान

बिहार विधान सभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने राज्य सरकार पर जोरदार हमला बोला है। मंगलवार को मीडिया को संबोधित करते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि प्रदेश में ऐसा कोई दिन नहीं बीत रहा जब कोई आपराधिक वारदात न हो रही हो। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या यही वह “नया बिहार” बनाने की बात है, जिसका दावा भारतीय जनता पार्टी और डबल इंजन की सरकार करती रही है।

घोटालों और प्रशासनिक लापरवाही के आरोप

तेजस्वी यादव ने राज्य में हुए विभिन्न आर्थिक अनियमितताओं और घोटालों का जिक्र करते हुए सरकार की नीयत पर सवाल खड़े किए। उन्होंने डस्टबिन घोटाला, एस्टीमेट घोटाला, सीएजी घोटाला, सृजन घोटाला और बालिका गृह कांड जैसे गंभीर मामलों का हवाला दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि इन बड़े घोटालों और आपराधिक मामलों में शामिल किसी भी मुख्य दोषी या जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ अब तक कोई ठोस व कठोर कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे जनता का भरोसा उठ चुका है।

छात्रों के दमन और पुलिसिया कार्रवाई की निंदा

छात्रों के अधिकारों की रक्षा और उनके आंदोलन के संदर्भ में बात करते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि युवाओं के साथ सरकार का रवैया बेहद दमनकारी रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्र आंदोलन के दौरान पुलिस द्वारा अत्यधिक और अनुचित बल का प्रयोग किया गया। साथ ही, प्रस्तावित राजभवन मार्च से ठीक पहले ही पटना कॉलेज के निर्वाचित छात्र अध्यक्ष सुदर्शन समेत कई अन्य छात्र नेताओं को पुलिस द्वारा हिरासत में लिया जा रहा है, जो कि लोकतंत्र और निष्पक्ष विरोध प्रदर्शन के खिलाफ है।

युवाओं के भविष्यरोजगार और शिक्षा की स्थिति

बिहार के युवाओं के भविष्य पर जोर देते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार देश का सबसे युवा प्रदेश है, जहां के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, पारदर्शी पारदर्शी परीक्षा प्रणाली और रोजगार के बेहतर अवसरों की सख्त जरूरत है। परंतु, लगातार हो रहे पेपर लीक, परीक्षा धांधली और नियुक्ति प्रक्रियाओं में अनिश्चितता के कारण राज्य के युवाओं का भविष्य अधर में लटक गया है। जब युवाओं को सही अवसर नहीं मिलते, तो उनका सामर्थ्य देश और प्रदेश के विकास में योगदान देने के बजाय एक प्रशासनिक और सामाजिक बोझ बनने लगता है।

राजभवन मार्च का आह्वान और जन समर्थन की अपील

तेजस्वी यादव ने बिहार के नागरिकों, युवाओं और छात्रों से आह्वान किया कि वे सरकार की जनविरोधी नीतियों और विफलताओं के खिलाफ एकजुट हों। उन्होंने सभी से प्रस्तावित ‘राजभवन मार्च’ में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने और शांतिपूर्ण ढंग से अपनी आवाज बुलंद करने की अपील की, ताकि सरकार को जनहित के मुद्दों पर जवाबदेह बनाया जा सके।

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