पटना. रूपसपुर के बालाजी सिटी अपार्टमेंट में रहने वाले होम्योपैथी डॉक्टर के बेटे सत्यम की हत्या के कारण का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। सत्यम को उसके दोस्तों ने दगा दिया। सत्यम ने अपने दोस्तों को फोन कर मदद के लिए गुरुवार को बुलाया था। मदद के लिए पहुंचे आपराधिक प्रवृत्ति के दोस्तों की नीयत खराब हो गई और उन लोगों ने उसे झांसा देकर उसे अगवा कर लिया।
सत्यम को बाइक पर बिठाकर उसके शातिर दोस्त नीरज और अजीत उर्फ चकाई कोथवां ले गए। काफी देर उसे घुमाया। लौटने के दौरान प्रमोद उसके साथ हो गया, जो गांजा में नशीला पदार्थ डालकर इंजीनियरिंग काॅलेज के पीछे पहुंचा था। नीरज ने अपने बयान में पुलिस से कहा कि वह जानता था कि सत्यम बड़े डॉक्टर का बेटा है और पैसे वाला है।
इसलिए हमलोगों ने उसका अपहरण कर फिरौती मांगने का प्लान बनाया और गुरुवार को ही उसकी हत्या कर दी। सिटी एसपी वेस्ट ने कहा कि आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। उनमें एक नाबालिग है। आगे अनुसंधान किया जा रहा है।
जबरदस्ती पिलाया था गांजा, हत्या कर शव को झाड़ी में छिपा दिया था
नीरज और उसके दो दोस्तों ने बताया कि सत्यम को हमलोगों ने जबरदस्ती गांजा पिलाया था। गांजा पीने के बाद वह नशे में आ गया था। इसके बाद हमलोगों को लगा कि फिरौती की रकम लेने के बाद जब यह छूटकर घर जाएगा, तब हमलोगों का नाम पुलिस को बता देगा और पुलिस हमें पकड़ लेगी। इस कारण हमलोगों ने उसकी हत्या कर उसके शव को झाड़ी में छिपा दिया था।
मालूम हो कि नीरज और चकाई बालिग हैं, वहीं एक आरोपी नाबालिग है। दोनों को जेल भेज दिया गया और नाबालिग आरोपी को रिमांड होम भेजा गया है। चकाई पहले भी चोरी के आरोप में जेल जा चुका है। नीरज के पि ता श्रवण और चकाई के पिता गणेश पर कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।
सीडीआर में नहीं मिली किसी से लंबी बातचीत
पुलिस मृतक सत्यम और तीनों आरोपियों के मोबाइल की सीडीआर डिटेल निकाल चुकी है। सीडीआर डिटेल का पुलिस पड़ताल कर रही है। पुलिस सूत्रों की मानें तो सीडीआर डिटेल में सत्यम की नीरज से अक्सर बातचीत की डिटेल है। नीरज किसी लड़की से बातचीत करता था इस बात की पुष्टि सीडीआर से नहीं हो रही है। नीरज सहित तीनों आरोपियों की सीडीआर डिटेल में किसी भी लड़की से लंबी बातचीत का रिकाॅर्ड पुलिस को अबतक नहीं मिला।