पटना : इस बार आई बिहार में बाढ़ ने बड़ी संख्या में एक बड़ी आबादी को प्रभावित किया. बाढ़ से जन जीवन प्रभावित रहा. ग्रामीण सड़क नेटवर्क भी इस बार की बाढ़ में बड़े स्तर पर प्रभावित हुए हैं. ग्रामीण कार्य विभाग की प्रारंभिक रिपोर्ट के मुताबिक, 17 जिलों में 1050 से अधिक ग्रामीण सड़कें बाढ़ की चपेट में आई हैं. करीब 2000 किलोमीटर ग्रामीण सड़कों के प्रभावित होने का अनुमान है.
पानी उतरने के बाद सामने आएगी नुकसान की पूरी तस्वीर
कई इलाकों में बाढ़ के कारण सड़कें कट गई हैं, जबकि कई स्थानों पर सड़कें क्षतिग्रस्त होने के साथ गड्ढों में तब्दील हो गई हैं. बड़ी संख्या में ग्रामीण सड़कें अभी भी पानी में डूबी हुई हैं. ऐसे में पानी पूरी तरह निकलने के बाद ही सड़कों को हुए वास्तविक नुकसान का आकलन हो सकेगा.

भागलपुर में सबसे ज्यादा 151 सड़कें प्रभावित
ग्रामीण कार्य विभाग को जिलों से मिली प्रारंभिक रिपोर्ट में भागलपुर सबसे अधिक प्रभावित जिलों में सामने आया है. यहां 151 ग्रामीण सड़कों को बाढ़ से नुकसान पहुंचने की जानकारी है. इसके बाद पटना और भोजपुर में भी बड़ी संख्या में ग्रामीण सड़कें प्रभावित हुई हैं.
बाढ़ की चपेट में पटना में 140 सड़कें
पटना जिले में 140 ग्रामीण सड़कों पर बाढ़ का पानी पहुंचा था. इनमें से कई सड़कें अभी भी जलमग्न हैं. जिले में सबसे अधिक प्रभावित सड़कें दानापुर क्षेत्र की हैं, जहां 44 ग्रामीण सड़कें बाढ़ से प्रभावित हुई हैं. भागलपुर और पटना के बाद भोजपुर की ग्रामीण सड़कें भी बाढ़ से बड़े स्तर पर प्रभावित हुई हैं. यहां 134 ग्रामीण सड़कों पर बाढ़ का पानी पहुंचा. वहीं सारण में 101 ग्रामीण सड़कें बाढ़ की चपेट में आईं.

इन जिलों में भी प्रभावित हुईं ग्रामीण सड़कें
प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार समस्तीपुर में 86, वैशाली में 82, कटिहार में 60, लखीसराय में 54, बेगूसराय में 49, मुंगेर में 48, खगड़िया में 36, अरवल में 21, सहरसा में 20, मधेपुरा में 18, पूर्णिया में 18, पश्चिम चंपारण में 16 और अररिया में 10 ग्रामीण सड़कें बाढ़ से प्रभावित हुई हैं.
मरम्मत पर खर्च होंगे 1000 करोड़ से अधिक
ग्रामीण कार्य विभाग के प्रारंभिक आकलन के मुताबिक करीब 2000 किलोमीटर ग्रामीण सड़कों को नुकसान पहुंचा है. इन सड़कों की मरम्मत के लिए 1000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च होने का अनुमान है. हालांकि, अंतिम नुकसान का आकलन पानी पूरी तरह उतरने के बाद ही किया जाएगा.

‘पानी निकलते ही शुरू होगी मरम्मत’
ग्रामीण कार्य विभाग के मंत्री सुनील कुमार के अनुसार ग्रामीण सड़कों की स्थिति की रिपोर्ट तैयार की जा रही है. बाढ़ का पानी निकलते ही क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत का काम शुरू किया जाएगा, ताकि लोगों को आवागमन में परेशानी न हो.
कृषि क्षेत्र में 270 करोड़ के नुकसान का प्रारंभिक आकलन
बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन केवल ग्रामीण कार्य विभाग तक सीमित नहीं है. कृषि विभाग ने भी प्रारंभिक रिपोर्ट तैयार की है. इसमें फिलहाल करीब 270 करोड़ रुपये की फसल क्षति का अनुमान लगाया गया है. पानी पूरी तरह निकलने के बाद नुकसान का विस्तृत और अंतिम आकलन किया जाएगा.

सभी विभागों की रिपोर्ट के बाद केंद्र से मांगी जाएगी मदद
राज्य के विभिन्न विभाग बाढ़ से हुए नुकसान का प्रारंभिक आकलन तैयार कर रहे हैं. अंतिम रिपोर्ट तैयार होने के बाद इसे केंद्र सरकार को भेजा जाएगा. प्रारंभिक आंकड़ों के आधार पर भी केंद्र से राहत और सहायता की मांग किए जाने की तैयारी है.
बिहार में कुल नुकसान का प्रारंभिक अनुमान 10 हजार करोड़
उपलब्ध प्रारंभिक आकलनों के अनुसार बिहार सरकार ने बाढ़ से करीब 10 हजार करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया है. इसमें जल संसाधन, आपदा प्रबंधन, ग्रामीण कार्य और कृषि विभाग समेत कई विभागों से जुड़े नुकसान शामिल हैं. केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान भी बिहार में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा ले चुके हैं. पानी उतरने के बाद केंद्रीय अधिकारियों की टीम भी नुकसान का आकलन करने के लिए बिहार आ सकती है.

पानी उतरने के बाद बदलेगा नुकसान का आंकड़ा
फिलहाल सामने आए आंकड़े प्रारंभिक रिपोर्ट पर आधारित हैं. जिन इलाकों में अभी बाढ़ का पानी जमा है, वहां सड़क, फसल और अन्य बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान की पूरी तस्वीर पानी उतरने के बाद ही स्पष्ट होगी. इसके बाद विभागवार अंतिम रिपोर्ट तैयार कर केंद्र को भेजे जाने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी.

