इस व्यवस्था के शुरू होने से पर्यटकों को हर पर्यटन स्थल पर पहुंचने के बाद अलग-अलग पार्किंग शुल्क चुकाने की बाध्यता और कतार में लगकर पर्ची कटवाने की परेशानी से पूरी तरह राहत मिल गई है। सैलानी इन चारों पर्यटन स्थलों में से किसी भी एक स्थान पर निर्धारित शुल्क देकर यह साझा टिकट प्राप्त कर सकते हैं।
एक टिकट पर आठ घंटे तक चारों प्रमुख स्थलों पर वैध रहेगी पार्किंग
इस नई व्यवस्था के तहत जारी किया गया पार्किंग टिकट पूरे आठ घंटे की समयावधि के लिए मान्य होगा। इस तय अवधि के भीतर पर्यटक उसी एक टिकट के माध्यम से चारों प्रमुख स्थलों पर अपने वाहन को बिना कोई अतिरिक्त शुल्क दिए सुगमता से पार्क कर सकते हैं। इससे पर्यटकों के बहुमूल्य समय की बचत हो रही है और वे बिना किसी रुकावट के राजगीर के ऐतिहासिक व प्राकृतिक स्थलों का आनंद ले पा रहे हैं। प्रशासन का मानना है कि इस व्यवस्था से पार्किंग प्रबंधन काफी सुव्यवस्थित और प्रभावी हो गया है।
सभी श्रेणियों के वाहनों के लिए निर्धारित की गईं दरें
प्रशासन द्वारा विभिन्न वाहनों के अनुसार आठ घंटे के लिए दरें भी तय कर दी गई हैं। इसके तहत साइकिल के लिए 10 रुपये, मोटरसाइकिल के लिए 30 रुपये, कार अथवा जीप के लिए 80 रुपये, मिनी बस के लिए 200 रुपये तथा बड़ी बस के लिए 300 रुपये का एकीकृत शुल्क तय किया गया है। इस दर निर्धारण से वाहन चालकों को बार-बार जेब से पैसे निकालने की जरूरत नहीं पड़ती और पूरा आवागमन सुचारू रूप से चल रहा है।
सैलानियों ने व्यवस्था को सराहा, सुखद बन रहा सफर
इंटीग्रेटेड पार्किंग सिस्टम को लेकर सैलानियों के बीच सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। पर्यटकों का कहना है कि पहले हर दर्शनीय स्थल पर अलग से पार्किंग शुल्क देना और वहां की व्यवस्था से जूझना काफी थकाऊ होता था, लेकिन अब एक ही पर्ची से चारों जगह वाहन लगाने की सुविधा मिलने से उनका सफर बेहद आसान बन गया है।

प्रशासन का मुख्य उद्देश्य भी यही है कि वाहनों की कतारों को व्यवस्थित करने के साथ-साथ पर्यटकों के पूरे भ्रमण अनुभव को सहज और सुखद बनाया जा सके। यह व्यवस्था पर्यटकों के लिए बेहद सुविधाजनक और कारगर साबित हो रही है।