पटना : बालू माफियाओं के खिलाफ बड़ा ऑपरेशन चल रहा है. पटना पुलिस की टीम ने अलग–अलग जगहों पर रेड डाला है. ये कार्रवाई मनेर से शुरू हुई और कोइलवर तक चली. बड़ी बात ये है कि पटना पुलिस ने इस ऑपरेशन की शुरुआत रविवार की आधी रात के बाद शुरू किया था. जो सोमवार की सुबह होने के बाद भी जारी है. बालू माफियाओं और उनके गुर्गों के खिलाफ अचानक शुरू किये गए पटना पुलिस के ऑपरेशन से पूरे इलाके में काफी हड़कम्प मचा हुआ है. इस कार्रवाई के तहत अब तक बालू से लोड 20 नाव और अवैध तरीके से बालू का खनन कर उसके धंधे में जुड़े 35 लोगों को गिरफ्तार किया गया है.

सोर्स बताते हैं कि हर एक नाव पर 10 से 15 टेलर बालू लोड था. बालू माफिया और उनके लोग सोन और गंगा नदी में काफी एक्टिव हैं. ये अवैध तरीके से बालू की निकासी पटना जिला के बॉर्डर इलाकों में करते हैं और फिर नाव से भोजपुर और सारण जिला लेकर चले जाते हैं.

इसके पहले भी अलग–अलग समय पर पटना पुलिस की तरफ से बालू माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई होते रही है. लेकिन भोजपुर और सारण जिले की पुलिस को भी अपने इलाकों में एक्टिव बालू माफियाओं के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करनी होगी. तभी अवैध बालू खनन और उसके ढुलाई पर लगाम कसा जा सकता है.
छुट्टी से आते ही सेट हो गई थी प्लानिंग
पटना के एसएसपी मनु महाराज छुट्टी पर गए थे. सोर्स की मानें तो छुट्टी से वापस आते ही रविवार को उन्होंने ने एक मीटिंग की थी. उस मीटिंग में ही बालू माफियाओं के खिलाफ देर रात से कार्रवाई करने का खाका तैयार किया गया था. जिसके बाद पटना के सिटी एसपी वेस्ट रविन्द्र कुमार की अगुआई में रेड डालने का काम शुरू हुआ. इनके साथ एएसपी ऑपरेशन अनिल कुमार सिंह और दानापुर के एएसपी मनोज तिवारी थे. साथ में मनेर, बिहटा के थानेदार सहित करीब 150 से अधिक पुलिस फोर्स थी.
सोर्स बताते हैं कि सोन नदी में 7-8 किमी की दूरी तक में करीब 200-300 के करीब नाव थी. इसमें से 80 प्रतिशत नाव अवैध तरीके से बालू की निकासी और उसकी ढुलाई का काम करती है. संभावना है कि शनिवार को दीघा में बालू माफियाओं ने जो हरकत की. सैप जवान को बंधक बनाया, उनका एसएलआर हथियार छीना और गोली चलाई. इसके बाद से ही बालू माफियाओं के खिलाफ बड़ी कार्रवाई को अंजाम देने की प्लानिंग बनाई जा रही थी.
Source : livecities