बिहार: माइक्रो फाइनेंस कंपनी के नाम पर ठगी, 15 लाख लेकर ऑफिस बंद कर फरार हुए आरोपी; सैकड़ों लोग शिकार

पटना: बिहार की राजधानी पटना में माइक्रो फाइनेंस कंपनी के नाम पर ठगी का बड़ा मामला सामने आया है। बाढ़ थाना क्षेत्र के मलाही में कथित फाइनेंस कंपनी के चार कर्मचारियों ने लोन दिलाने का झांसा देकर सैकड़ों लोगों से करीब 10 से 15 लाख रुपये की ठगी कर ली। आरोपियों ने लोगों को 60 हजार रुपये तक का लोन दिलाने का भरोसा दिया था। इसके लिए उन्हें टीवी, फ्रिज समेत अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान खरीदने का झांसा देकर प्रत्येक व्यक्ति से तीन से चार हजार रुपये वसूले गए। जब लोगों को न तो सामान मिला और न ही लोन की राशि, तब वे कंपनी के कार्यालय पहुंचे। वहां ताला लगा मिला और कथित कर्मचारी मोबाइल फोन बंद कर फरार हो चुके थे।

इलेक्ट्रॉनिक सामान और लोन का दिया झांसा

पीड़ितों के मुताबिक, चार लोगों ने मिलकर मलाही में एक कार्यालय खोला था। वे खुद को ‘शिखा माइक्रो बेनिफिट फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड’ से जुड़ा बताकर लोगों को लोन देने का प्रचार कर रहे थे। लोगों को बताया गया कि 60 हजार रुपये तक का लोन मिलेगा। इसके लिए पहले इलेक्ट्रॉनिक सामान खरीदने के नाम पर तीन से चार हजार रुपये जमा करने होंगे। आरोपियों ने भरोसा दिलाया था कि टीवी, मिक्सी, इंडक्शन और कुकर जैसे सामान दिए जाएंगे। इसके बाद उनके बैंक खाते में लोन की राशि ट्रांसफर कर दी जाएगी।

हालांकि, रुपये जमा करने के बाद न तो लोगों को इलेक्ट्रॉनिक सामान मिला और न ही उनके खाते में लोन की रकम पहुंची। ठगी का एहसास होने पर पीड़ित कथित कंपनी के कार्यालय पहुंचे, लेकिन वहां ताला लटका मिला। इसके बाद ठगी के शिकार महिलाओं और ग्रामीणों की भारी भीड़ कार्यालय के बाहर जमा हो गई। लोगों ने जमकर हंगामा किया और स्थानीय पुलिस को मामले की सूचना दी।

चार हजार रुपये लेने के बाद न सामान मिला, न लोन

सबनीमा गांव की रहने वाली ममता देवी ने बताया कि कुछ लोग पहले उनके घर पहुंचे थे और लोन दिलाने का प्रचार किया था। इसके बाद उन्होंने दिए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क किया। फोन पर बात करने वाले व्यक्ति ने उनसे फॉर्म भरवाया और इसके बदले चार हजार रुपये ले लिए। उन्हें बताया गया कि चार हजार रुपये के इलेक्ट्रॉनिक सामान, जैसे टीवी, मिक्सी, इंडक्शन और कुकर दिए जाएंगे। इसके बाद उनके खाते में लोन की राशि भेज दी जाएगी। हालांकि, रुपये देने के बाद न तो उन्हें कोई सामान मिला और न ही लोन की रकम खाते में आई।

सात लोगों ने मिलकर दिए 21 हजार रुपये

मीर मोहल्ला निवासी मोहम्मद अनवर ने बताया कि उन्हें आरोपियों ने जानकारी दी थी कि नया बैंक खोला गया है, जहां लोगों को लोन दिया जाएगा। लोन लेने के लिए इलेक्ट्रॉनिक सामान खरीदना जरूरी बताया गया था। इस झांसे में आकर उन्होंने सात अन्य लोगों के साथ मिलकर कथित कंपनी के कर्मचारियों को कुल 21 हजार रुपये दिए थे।

अनवर के मुताबिक, रुपये जमा कराने के बाद बीती शाम से सभी कथित कर्मचारियों के मोबाइल नंबर बंद आ रहे हैं। जब वे कार्यालय पहुंचे तो वहां भी ताला लगा मिला। इसके बाद उन्हें ठगी का एहसास हुआ।

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