पटना. झारखंड, बिहार को पेंशन बकाया का और 597 करोड़ रुपए देगा। बीआरजीएफ के बकाया के रूप में बिहार को फिलहाल 751 करोड़ रुपए मिलेंगे। ये बातें सोमवार को कोलकाता में पूर्वी क्षेत्रीय परिषद की 23 वीं बैठक में तय हुईं। बैठक में परिषद में शामिल राज्यों से जुड़े कई बड़े मसलों का हल निकला। इस बैठक की अध्यक्षता, केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने की।
उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी के मुताबिक, झारखंड सरकार सुप्रीम कोर्ट का अंतिम फैसला आने तक आबादी के अनुपात के आधार पर बिहार को महीने भर में 597.13 करोड़ रुपए देने को तैयार हुई। बिहार और झारखंड के मुख्य सचिव बाकी मसलों को निपटाएंगे। केंद्र सरकार, बिहार को बीआरजीएफ के बकाया मद का 751 करोड़ रुपए जल्द देगा।
उप मुख्यमंत्री मोदी ने बताया कि बिहार में तैनात सीआरपीएफ की पांच बटालियन में से दो को वापस लेने के निर्णय पर पुनर्विचार का आग्रह केंद्र सरकार से किया। इस पर केंद्र सरकार की तरफ से सकारात्मक आश्वासन मिला। बैठक में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास, बिहार के ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव सहित इन राज्यों के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
बिहार ने केंद्र से बीआरजीएफ के 1691 करोड़ रुपए मांगे थे : उप मुख्यमंत्री मोदी के अनुसार, बैठक में बिहार की ओर से बीआरजीएफ मद में स्वीकृत 12 हजार करोड़ में से बकाए 1691 करोड़ की मांग केंद्र सरकार से की गई। इसके आलोक में गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने शीघ्र 751 करोड़ रुपए की स्वीकृति का आश्वासन दिया। राजधानी पटना में लोहिया चक्र पथ के लिए और अन्य मद में 510.61 करोड़ रुपए की राशि की स्वीकृति फिलहाल प्रक्रियाधीन है।