नई दिल्ली. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि बसपा से गठबंधन नहीं हो पाने से चुनावों में कांग्रेस पर कोई असर पड़ेगा। हम 2019 में बहुत ज्यादा सीटें जीतेंगे। राहुल की यह टिप्पणी बसपा प्रमुख मायावती के हाल ही में दिए गए इस बयान पर थी कि बसपा मध्यप्रदेश और राजस्थान विधानसभा चुनाव में कांग्रेस से गठबंधन नहीं करेगी। मायावती ने आरोप लगाया था कि दिग्विजय सिंह जैसे नेता कांग्रेस-बसपा के बीच गठबंधन नहीं होने देना चाहते।
मेरा मंदिरों में जाना भाजपा को पसंद नहीं आया : राहुल
राहुल ने हिंदुस्तान टाइम्स लीडरशिप समिट में कहा, ‘‘मैं कई सालों से मंदिरों, गुरुद्वारों और मस्जिदों में जा रहा हूं। अचानक इसका प्रचार होने लगा। मुझे लगता है कि भाजपा को मेरा मंदिरों में जाना पसंद नहीं आया। वह इससे नाराज हो गई। हो सकता है कि भाजपा को यह लगता है कि सिर्फ उसके नेता ही मंदिरों में जा सकते हैं।’’
राहुल ने कहा- मुझमें और मां में एक फर्क
आपकी और सोनिया गांधी की राजनीति में क्या अंतर है, इस सवाल पर राहुल ने कहा कि मैंने उनसे बहुत कुछ सीखा है। उनसे मैंने सब्र रखना सीखा। पहले मैं इतना सब्र नहीं रख पाता था। हमारे बीच कॉमन बात यह है कि हम दोनों ही लोगों की बात सुनते हैं।
राहुल ने कहा, ”पहले मैं कम सुनता था, अब ज्यादा सुनता हूं। कल सोनियाजी ने मुझसे कहा था कि वे अंतरात्मा की आवाज की सुनती हैं और मैं अपने दिमाग की सुनता हूं। हम दोनों में शायद यही एक फर्क है।”
सत्ता में आने पर तीन बातों को प्राथमिकता
राहुल ने कहा कि सत्ता में आने पर हमारा फोकस तीन बातों पर होगा। मैं किसानों को एहसास दिलाऊंगा कि वे देश के लिए कितने महत्वपूर्ण हैं। मैं हेल्थकेयर और एजुकेशन सेक्टर पर ज्यादा ध्यान दूंगा और लघु और मध्यम उद्यमों को बढ़ावा दूंगा।
नोटबंदी सबसे बेतुका फैसला : राहुल
राहुल ने कहा कि नोटबंदी मोदी सरकार का सबसे बेतुका फैसला था। नोटबंदी के कारण 2% जीडीपी का नुकसान हुआ। ऐसा ही जीएसटी के मामले में हुआ। जीएसटी को लेकर हमारी अवधारणा कुछ अलग थी। लेकिन इस सरकार ने हमारी नहीं सुनी। इस सरकार ने देश की जनता के खिलाफ जंग छेड़ दी है।