फिल्म ‘मॉनसून शूटआउट’ से पहली बार दर्शकों की निगाहों में चढ़े हैदराबाद में पले बढ़े अभिनेता विजय वर्मा को फिल्म ‘गली बॉय’ के किरदार मोईन तक पहुंचने में 10 साल लगे हैं। पुणे के फिल्म इंस्टीट्यूट से एक्टिंग करके 2008 में मुंबई आए विजय वर्मा ने अभिनेता बनने के लिए घर वालों से बगावत की, थिएटर किया, मुंबई में तमाम धक्के खाए, लेकिन अब वह करियर की सही राह पकड़ चुके हैं।

‘गली बॉय’ के बाद वह अनुराग कश्यप की फिल्म ‘बमफाड़’ में नजर आने वाले हैं। इसी फिल्म से अभिनेता परेश रावल के बेटे आदित्य की हिंदी सिनेमा में एंट्री हो रही है।
तो अब गली बॉय के बाद आगे क्या, ये पूछे जाने पर विजय वर्मा बताते हैं, ‘मैं इम्तियाज अली के साथ एक वेब सीरीज शूट कर रहा हूं। इसकी स्क्रिप्ट उन्होंने ही लिखी है और वह इसके निर्माता भी हैं। उम्मीद है कि ये वेब सीरीज इसी साल रिलीज हो जाएगी।

बाकी अनुराग कश्यप की फिल्म ‘बमफाड़’ की भी एडिटिंग चल रही है, इस फिल्म का भी मुझे बेसब्री से इंतजार है।’ पुणे फिल्म इंस्टीट्यूट ने करीब 25 साल बाद एक्टिंग का कोर्स शुरू किया, तो अब एक्टिंग की डिग्री लेकर आने वालों के लिए कितना कुछ बदला है, हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में? इसके जवाब में विजय कहते हैं, ‘पुणे फिल्म इंस्टीट्यूट में बरसों बाद जब एक्टिंग का कोर्स शुरू हुआ तो मैंने इसका टेस्ट दिया था पर पहली मर्तबा मैं फेल हो गया। दूसरी कोशिश में मेरा सेलेक्शन हुआ।
लेकिन, मुंबई फिल्म इंडस्ट्री में बाहर से आकर जगह बनाना आसान नहीं है। पुणे फिल्म इंस्टीट्यूट से पढ़ाई का बस ये फायदा हुआ कि एक्टिंग की तकनीक समझ आ गई। बाकी हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में कोई पुणे फिल्म इंस्टीट्यूट से निकले लोगों के इंतजार में बैठा है, ऐसा नहीं है।’
