जम्मू-कश्मीर के बडगाम में बुधवार को क्रैश हुए सेना के MI-17 हेलीकाप्टर में जान गंवाने वाले विंग कमांडर सिद्धार्थ वशिष्ठ का पार्थिव शरीर चंडीगढ़ पहुंचा।
उनके पार्थिव शरीर को लेने उनकी पत्नी सेना की वर्दी में परिवार के साथ एयरपोर्ट पहुंचीं।
बता दें कि स्क्वाडर्न लीडर सिद्धार्थ (31) उपराष्ट्रपति, एयर चीफ मार्शल और प्रधानमंत्री को साथ लेकर हवाई यात्रा कर चुके थे।
सिद्धार्थ तीन बहनों के बाद सबसे छोटे भाई थे। उनके निधन की खबर के बाद घर में सभी का रो रोकर बुरा हाल है। सिद्धार्थ की दादी बार-बार उनकी फोटो देखकर एक ही बात दोहरा रही हैं कि मेरे सोहणे मुखड़े वाला बच्चा मुझे छोड़ गया।

सिद्धार्थ के पिता जगदीश वशिष्ठ भी आर्मी में रह चुके हैं।
रोते हुए उन्होंने बताया कि आखिरी बार सिद्धार्थ से मंगलवार सुबह बात हुई थी, उसने कहा यहाँ सबकुछ ठीक है, घबराने की जरूरत नहीं है। आप आराम करो और घर में सबका ख्याल रखिये, सिद्धार्थ के पिता मंगलवार सुबह से ही टीवी पर भारत-पाकिस्तान के बीच चल रहे तनाव भरे माहौल की खबरों को देख रहे थे, लेकिन उन्हें क्या पता था की उनके बेटे के साथ ऐसा हादसा हो जाएगा।
