
MUZAFFARPUR (ARUN KUMAR) : मुजफ्फरपुर में अपराध नियंत्रण और विधि व्यवस्था संधारण की दिशा में वरीय पुलिस अधीक्षक द्वारा लिये गये निर्णय के आलोक में सेक्टर पुलिसिंग का असर देखने को मिला।
मुजफ्फरपुर एसएसपी द्वारा जिले को पाँच सेक्टर में बांटे जाने के बाद सेक्टर पाँच के पुलिस अधिकारी पुलिस उपाधीक्षक पश्चिमी कृष्ण मुरारी प्रसाद के नेतृत्व में काजी मोहम्मदपुर थानेदार के साथ काजी मोहम्मदपुर थाना क्षेत्र के कई लॉजों में सघन छापेमारी की गई। अतरदह में भी तकरीबन एक दर्जन लॉजों में छापेमारी कि गई जिसमें 2 संदिग्धों को हिरासत में लिया गया।
वहीं आरबीटीएस कॉलेज के हॉस्टल को भी पुलिस ने खंगाला और सभी छात्रों का आईडी कार्ड देखकर सत्यापन किया गया।
इससे पूर्व एसएसपी के निर्देशानुसार जोन पाँच के पदाधिकारी डीएसपी पश्चिमी ने कच्ची पक्की से अघोरिया बाजार होते हुये मिठनपुरा क्षेत्र में राउंड लगाते हुये संदिग्धों की पहचान और जांच की।

बता दें कि पुलिस के द्वारा मकान मालिक से अपने किरदारों के नाम, पता, फोटो, सम्पर्क संख्या, स्थायी पता सहित किरायेदारों के कार्यस्थलों का सभी पहचान देना संबंधित थानों को अनिवार्य किया गया है। जिसको लेकर सभी थानों को आवश्यक दिशा निर्देश दिया गया है।

गौरतलब हो कि मुजफ्फरपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार ने गत 24 फरवरी को अपराध नियंत्रण की दिशा में मुजफ्फरपुर जिले को पांच जोन में बांटते हुए इनकी ज़िम्मेदारी एएसपी ऑपरेशन समेत चारों डीएसपी के कन्धों पर दे दी गई थी. उन्होंने कहा कि अक्सर देखा गया है कि शहर में अपराध करने के बाद अपराधियों की गिरफ़्तारी अधिकतर लॉजों, होटलों और मकानों में किरायेदारों के रूप में होती है.

अधिकतर अपराधी दूसरे जिलों के होते हैं जो किराये के मकान, लॉजों में पनाह लेते हैं. इस दिशा में सख्त कदम उठाते हुए उन्होंने किराएदारों के सत्यापन पाँचों जोन के अधिकारियों के नेतृत्व में सम्बंधित मुहल्लो, वार्डों में वार्ड पार्षदों, मुखिया, सम्बंधित जनप्रतिनिधियों के सहयोग से करने के दिशा निर्देश देते हुये व्यापक रुप से लाॅजों और किरायेदार के जाँच पड़ताल के आदेश दिये थे।