काफी वक्त से आर्थिक संकट की मार झेल रही जेट एयरवेज (Jet Airways) कंपनी के संस्थापक और चेयरमैन नरेश गोयल और उनकी पत्नी अनिता गोयल ने सोमवार को बोर्ड की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। इस्तीफा देने से पहले उन्होंने अपने कर्मचारियों को एक भावुक पत्र भी लिखा और कहा कि वह बलिदान देने के लिए तैयार हैं।
गोयल के इस्तीफे के साथ ही कंपनी में उनका स्टेक 51% से घटकर 25.5% रह गया है। यही नहीं जेट एयरवेज की जॉइंट वेंचर पार्टनर एतिहाद एयरवेज ने भी कर्ज के जाल में फंसी कंपनी से अपना स्टेक 24 फीसदी से घटाकर 12 फीसदी कर दिया है। टाइम्स नाउ की रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी पर अब तत्काल रूप से 15,000 करोड़ रुपये चुकाने की चुनौती है।

गौरतलब है कि हवाई यातयात मुहैया कराने वाली कंपनी जेट एयरवेज काफी समय से आर्थिक संकट के दौर से गुजर रही है। जेट एयरवेज ने जिन कंपनियों से उनके विमान किराए पर लिए हैं, उनकी बकाया राशि काफी अधिक हो चुकी है। आलम ये है कि कर्मचारियों की सैलरी तक नहीं दी जा रही है। नरेश गोयल के बोर्ड से बाहर होने के बाद कंपनी के सीईओ विनय दुबे इसे आर्थिक संकट से बाहर निकलने की कोशिश करेंगे। बताया जा रहा है कि जेट एयरवेज को पंजाब नेशनल बैंक और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया से आपातकालीन फंड मिल सकता है। ऋणदाता संघ द्वारा प्राथमिकता पर फंड मिलने से जेट एयरवेज काफी सहूलियत मिल जाएगी।

गौरतलब है कि हवाई यातयात मुहैया कराने वाली कंपनी जेट एयरवेज काफी समय से आर्थिक संकट के दौर से गुजर रही है। जेट एयरवेज ने जिन कंपनियों से उनके विमान किराए पर लिए हैं, उनकी बकाया राशि काफी अधिक हो चुकी है। आलम ये है कि कर्मचारियों की सैलरी तक नहीं दी जा रही है। नरेश गोयल के बोर्ड से बाहर होने के बाद कंपनी के सीईओ विनय दुबे इसे आर्थिक संकट से बाहर निकलने की कोशिश करेंगे। बताया जा रहा है कि जेट एयरवेज को पंजाब नेशनल बैंक और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया से आपातकालीन फंड मिल सकता है। ऋणदाता संघ द्वारा प्राथमिकता पर फंड मिलने से जेट एयरवेज काफी सहूलियत मिल जाएगी।