त्रिवेणीगंज (सुपौल). थाना क्षेत्र के डपरखा वार्ड नंबर-4 में संचालित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय की छात्राओं से गांव के लफंगों द्वारा की गई मारपीट की घटना ने तूल पकड़ लिया है। घटना में करीब 50 छात्राएं जख्मी हैं। गंभीर रूप से जख्मी 36 छात्राओं को अनुमंडल अस्पताल त्रिवेणीगंज में भर्ती कराया गया, जहां से तीन छात्राओं की गंभीर स्थिति में सदर अस्पताल सुपौल रेफर कर दिया गया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिले के तमाम अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर घटना का जायजा लिया। विद्यालय की वार्डेन के आवेदन पर घटना के 15 घंटे बाद थाना में मामला दर्ज कर लिया गया है। घटना शनिवार शाम 6.30 बजे हुई, मामला रविवार को 10 बजे दर्ज किया गया।
मामले में डपरखा के हरिओम सरदार, मोहन सरदार को गिरफ्तार किया है। चार महिलाओं को पूछताछ के लिए पुलिस ने हिरासत में लिया है। विवाद शनिवार को उस समय शुरू हुआ, जबकि विद्यालय की छात्राएं डपरखा परिसर मैदान में खेल रही थी।
उसी दौरान गांव लफंगे युवक छात्राओं पर अश्लील टिप्पणी करने लगा। छात्राओं द्वारा विराेध करने पर ग्रामीण युवकों से उनकी झड़प हो गई। युवक ने घर जाकर छात्राओं की शिकायत अभिभावकों से की। इसके बाद कुछ युवक और अभिभावक मौके पर पहुंचे और छात्राओं को दाैड़ा-दौड़ा कर पीटा।
अश्लील टिप्पणी के बाद शुरू हुआ था विवाद : शनिवार की शाम खेलने के दौरान कस्तूरबा की छात्राओं व ग्रामीण युवाओं के बीच उत्पन्न हुए विवाद कारण भी अश्लील टिप्पणी ही था। छात्राओं ने बताया कि मध्य विद्यालय डपरखा परिसर में खेलने के दौरान बाहरी छात्रों ने विद्यालय के छत पर पहुंचकर कुछ लड़कियों पर अभद्र टिप्पणी शुरू कर दी।
इसके बाद छात्राओं और ग्रामीण युवकों के बीच विवाद शुरू हुअा। हालांकि लोगों की पहल पर मामला शांत करा दिया गया। इसी बीच बाहरी युवकों ने अपने अभिभावक के साथ मौके पर पहुंचकर छात्राओं के साथ जमकर मारपीट की। जान बचाकर भागी छात्राओं को युवकों ने हॉस्टल में घुसकर भी मारा। विद्यालय में अध्ययनरत सौ छात्राओं ने 84 छात्राएं हॉस्टल में मौजूद थी।
रात भर अस्पताल में रहा अफरा-तफरी का माहौल : घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थानीय लोगों के सहयोग से आनन-फानन में जख्मी छात्राओं को अनुमंडल अस्पताल में भर्ती कराया। एक साथ तीन दर्जन छात्राओं के एक साथ अस्पताल में भर्ती करने से अस्पताल में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
बावजूद चिकित्सकों व स्वास्थ्य कर्मियों ने प्राथमिक उपचार के बाद कुछ लड़कियों को विद्यालय वापस भेज दिया। सुबह होते ही हॉस्टल में छात्रा सोनी कुमारी, जूली कुमारी, कशीदा खातून, मंजू कुमारी, गुलशन खातून, भारती कुमारी व नेहा कुमारी की हालत एकाएक बिगड़ गई। इसके बाद सभी को एंबुलेंस से दोबारा अनुमंडलीय अस्पताल में भर्ती कराकर इलाज प्रारंभ किया गया।
तीन छात्राएं हुईं रेफर : घटना में जख्मी तीन छात्रा ज्योति कुमारी, अनु कुमारी व सोनी कुमारी का पूरी रात अनुमंडलीय अस्पताल में ही इलाज चलता रहा। तीनों की गंभीर स्थिति देखते हुए रविवार को सदर अस्पताल सुपौल रेफर कर दिया गया, जहां चिकित्सकों की देख-रेख में छात्राओं का इलाज चल रहा है।