पानीपत. मुंबई में फैशन डिजाइनर सुनीता सिंह की हत्या अंधविश्वास की वजह से हुई। आरोपी बेटे लक्ष्य ने पुलिस को बताया कि वह जान-बूझकर अपनी मां की हत्या नहीं करना चाहता था। वह तो अपने पिता की आत्मा को मां के अंदर से निकालना चाहता था, जो उनके अंदर समा गई थी। सुनीता की हत्या चार अक्टूबर को मुंबई के लोखंडवाला स्थित फ्लैट में की गई थी। 49 साल की सुनीता मूलरूप से यहां के असंध रोड अग्रसेन कॉलोनी की रहने वाली थी।
लक्ष्य चार अक्टूबर को दोपहर साढ़े 3 बजे अपने दोस्त निखिल राय और अपनी मंगेतर ऐशप्रिया बैनर्जी के साथ अंधेरी वेस्ट में लोखंडवाला स्थित अपने फ्लैट पर पहुंचा। पुलिस के मुताबिक उसकी मंगेतर भी ड्रग्स की आदी थी। अपनी मां के साथ किसी बात पर बहस होने के बाद लक्ष्य ने उन्हें बाथरूम के अंदर बंद कर दिया और वहां से चला गया।
उस दिन पंडित से भी मिला था: ओशिवारा पुलिस ने बताया कि लक्ष्य उस दिन एक पंडित से मिलने के लिए गया था, ताकि उनकी मदद से वह मां के अंदर घुसी अपने पिता की आत्मा को बाहर निकाल सके।
सुनीता के चेहरे और गर्दन पर लगी थीं गहरी चोटें:पोस्टमार्टम में पता चला है कि सुनीता के फेस और गर्दन पर गहरी चोटें आई है जिसकी वजह से उसकी मौत हुई। पुलिस ने बताया कि लक्ष्य ने इस बात को कबूल किया है कि उसने क्रॉसगेट बिल्डिंग के तीसरे फ्लोर के अपने फ्लैट पर अपनी मां को बाथरूम में बंद करने से पहले उन्हें काफी मारा था। जब लक्ष्य साढ़े 8 बजे शाम में घर वापस आया तो देखा कि उसकी मां बाथरूम के फर्श पर बेहोश पड़ी थी। इसके बाद डरकर उसने अपने दोस्त को कॉल किया और इसके बारे में बताया। उसी ने उसे पुलिस में सूचित करने की सलाह दी। लक्ष्य ने तुरंत अपनी मां को अस्पताल पहुंचाने के लिए एंबुलेंस बुलवाई लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।