MUZAFFARPUR : पुलिस को खुली चुनौती, रिटायर्ड बैंककर्मी के घर सरेशाम 4 लाख की डकैती

MUZAFFARPUR (ARUN KUMAR) : सरेशाम डकैती, हत्या एवं लूट को लेकर भले ही पुलिस अफसर अपराधियों पर लगाम कसने का दावा कर रहे हों, लेकिन कड़वा सच यही है कि जिले में आपराधिक घटनाओं में गिरावट नहीं बल्कि चरम पर है. इसका ताजा उदाहरण मिठनपुरा थाना क्षेत्र में देखने को मिला जहाँ हथियारों से लैस आधा दर्जन डकैतों ने एक सेवानिवृत्त अधिकारी के घर में घंटे तक ताण्डव मचाते हुये लगभग 4 लाख रुपये मूल्य की संपत्ति लूटकर आराम से चलते बने. सरेशाम डकैती की वारदात से जहाँ पुलिस प्रशासन के स्मार्ट पुलिसिंग व्यवस्था की पोल खोल दी वहीं एक बार फिर से अपराधियों ने पुलिस को खुली चुनौती देते हुये बेलगाम अपराधियों पर नकेल कसने की सारी कवायदों को ठेंगे पर रख दिया है.

जानकारी के अनुसार संध्या 6:45 में मिठनपुरा थाना क्षेत्र के खादी भंडार चौक के निकट राजपूत टोला मोहल्ले में सेन्ट्रल बैंक के सेवानिवृत्त बैंक अधिकारी विनोद गुप्ता के घर को निशाना बनाते हुये घर के सदस्यों को बंधक बना कर चार हजार रुपये नगद समेत 4 लाख रुपये मूल्य की संपत्ति लूट ली. गृहस्वामिनी गीता गुप्ता ने बताया कि दरवाजा खटखटाने पर उनके देवर के 10 वर्षीय पुत्र शीर्ष रमण ने दरवाजा खोला. दरवाजा खोलते ही आधा दर्जन डकैत घर में घुस कर दरवाजा बंद कर लिया. इस दौरान वो किचेन में थीं और शोरगुल सुनकर बाहर आईं.

डकैतों ने घर में मौजूद गृहस्वामी विनोद गुप्ता, उनकी पत्नी गीता गुप्ता और भतीजे शीर्ष रमण को पिस्तौल के बल पर कब्जे में ले विया और अलमीरा की चाबी मांगी. विरोध करने पर भतीजे के अपहरण की धमकी देने लगे. भयभीत होकर गृहस्वामिनी ने चाबी डकैतों को सौंप दी. डकैतों ने लगभग एक घंटे जमकर ताण्डव मचाया और मारपीट भी की.

पीडित गृहस्वमिनी श्रीमती गुप्ता ने बताया कि 6 की संख्या में आये डकैतों में 5 के चेहरे खुले थे, पर एक ने हैलमेट लगा रखा था. उन्होंने बताया कि सभी डकैत 30 से 35 वर्ष के अच्छी खासी कद-काठी के थे, केवल एक अपराधी 24-25 वर्ष का प्रतीत हो रहा था.लूटपाट करते हुये डकैत बार बार एक ही बात पूछ रहे थे मुझे पहचान रहीं हैं, यही बात उसने बच्चे और गृहस्वामी से भी पूछी. लूटपाट के दौरान डकैत बार बार गोली मारने व भतीजे शीर्ष रमण को उठा ले जाने की धमकी दे रहे थे.

डकैतों ने गृहस्वामिनी के कान व गले तक पर से गहने खुद उतार लिये. डकैतों ने गहने उतारते हुये उनसे कहा कि आप कष्ट नहीं कीजिये, हम खुद ले लेंगे. डकैतों को घर के हर एक सदस्य की जानकारी पूर्व से थी. उन्होंने बच्चे से पूछा कि तुम्हारे पापा तुम्हें लेने कितने बजे आयेंगे, बच्चे के समय बताने पर कि आठ बजे पापा आते हैं, वे सभी एक दूसरे से वहाँ से जल्दी निकलने की बात कहने लगे.

गृहस्वामी विनोद गुप्ता ने बताया कि नगर थाना क्षेत्र के पानी कल चौक निवासी उनके छोटे भाई अपने पुत्र को रोजाना पढाई करने के लिये अपने पुत्र शीर्ष रमण को यहाँ छोड़ जाते हैं और रात आठ बजे उसे लेने आते हैं. लगभग एक घंटे तक आराम से लूटपाट करने के बाद डकैतों ने विनोद गुप्ता उनकी पत्नी गीता गुप्ता व भतीजे शीर्ष रमण को हाथ मुंह बाँध कर अलग-अलग कमरों में बंद कर कुंडी लगा कर तीन मोटरसाइकिलों पर सवार होकर भाग निकले.

घटना की सूचना मिलते ही मिठनपुरा थानाध्यक्ष दल-बल के साथ घटनास्थल पर पहुँच कर मामले की जानकारी ली. घटनास्थल पर श्वान की भी मदद ली गई, पर कोई खास सफलता नहीं मिली, श्वान घटनास्थल से महज पाँच सौ मीटर मुख्य सड़क तक जाकर रूक गया.

घटना की जानकारी मिलते ही वरीय पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार और पुलिस उपाधीक्षक नगर मुकुल रंजन ने परिजनों से घटना की बाबत विस्तृत जानकारी ली. वरीय पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार स्वयं इस घटना की माॅनिटरिंग कर रहे हैं. मामले में एसएसपी ने कहा कि सरेशाम डकैती की यह घटना पुलिस के लिये एक चुनौती है, पुलिस टीम और एफएसएल टीम साक्ष्य इकट्ठा कर रही है. 6 अज्ञात अपराधियों ने डकैती के दौरान 3 से 4 लाख की लूट की है. अनुसंधान किया जा रहा है, पुलिस जल्दी ही अपराधियों की पहचान कर गिरफ्तार करने हेतु प्रयासरत है. पुलिस को मिले इनपुट के आधार पर जल्द ही घटना का सफल उद्भेदन कर लिया जायेगा.

डकैतों ने जिस तरह से घटना को अंजाम दिया है, उससे संभावना जतायी जा रही है कि घटना के पीछे किसी जानकार का हाथ है जो घर की वस्तुस्थिति से अवगत हो, परिवार के सभी सदस्यों की पूरी खबर रखता है, यहाँ तक की उनके आने-जाने के समय की भी. पहचान छुपाने की नीयत से हैलमेट लगाये डकैत का सभी से बार-बार पूछा जाना कि-आपलोग पहचान रहें हैं? या भतीजे शीर्ष रमण से पूछा जाना कि तुम्हारे पापा कितने बजे लेने आते हैं.

आसपास के निवासियों ने बताया कि कुछ दूरी पर ही लीची गाछी है, जहाँ सुबह 6 बजे से रात 10-11 बजे तक विभिन्न इलाकों के नशेडियों का जमावडा लगा रहता है. दिन भर मोटरसाइकिलों से आवाजाही से मोहल्लेवासी परेशान हैं. लीची गाछी में किशोर समेत छोटे-छोटे बच्चों को भी गांजा स्मैक, शराब आदि का नशा करते देखा जा सकता है.

मोहल्ले में 3 महीने पूर्व ही वैपर लाईट लगवाया गया था. रिटायर्ड बैंककर्मी विनोद गुप्ता के घर के पास का लाईट महज दो दिनों में ही तोड़ दिया गया, जिससे वहाँ घना अंधेरा छाया रहता है.
आज एक भार फिर अपराधियों ने सरेशाम डकैती की घटना को अंजाम देकर यह साबित कर दिया कि पुलिस गश्ती, नाकेबंदी कर जाँच व वाहन चेकिंग और शहरी क्षेत्रों में औचक निरीक्षण का कोई फायदा नहीं.

अभी तो पुलिस राजनीतिक दबावों से मुक्त है और उस पर शांतिपूर्ण मतदान कराने की बड़ी जवाबदेही भी है. ऐसे में जगह-जगह आपराधिक घटनायें घटती रहेंगी तो भयमुक्त, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान कैसे संभव हो पायेगा.

ये घटनाएं पुलिस के शीर्ष पदाधिकारियों के खोखले दावों की पोल खोल रही हैं. लोकसभा-विधानसभा चुनाव अत्यंत संवेदनशील अवसर होता है, जब शांति और अमन-चैन की बेहद जरूरत होती है. दूसरी ओर ऐसे अवसर पर आपराधिक तत्व भी मौकों का फायदा उठाने के चक्कर में लगे होते हैं. अपराधियों को लगता है कि पुलिस चुनाव कार्यो में व्यस्त है और राजनीतिक प्रचार के दौर में जन सामान्य भी किंचित लापरवाह हो जाता है. इस परिस्थिति में कोई भी आपराधिक वारदात या गतिविधि हर किसी का ध्यान अपनी ओर बरबस आकृष्ट कर लेती है. इससे पूरी व्यवस्था पर उंगली उठती है कि जब चुनाव के समय भी कानून-व्यवस्था का प्रश्न बना रहे तो सामान्य अवसरों पर पुलिस की लापरवाही किस कदर रहती होगी.

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