चुनाव नतीजों से पहले चीन से बातचीत की तैयारी में जुटा भारत

लोकसभा चुनाव के नतीजे आने में भी लगभग एक महीने का समय बचा हुआ है लेकिन भारत चुपचाप चीन के साथ दूसरी अनौपचारिक मुलाकात की तैयारी कर रहा है। दोनों देशों के बड़े नेता इस बैठक में हिस्सा लेंगे। इससे पहले पिछले साल वुहान में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच अनौपचारिक मुलाकात हुई थी। भारत में आयोजित होने वाली इस संभावित बैठक के लिए नवंबर की तारीखों का प्रस्ताव दिया गया था लेकिन अब इसे बदलकर अक्तूबर कर दिया गया है। चीन ने कहा कि शिखर सम्मेलन का समय उन्नत होना चाहिए ताकि वुहान बैठक द्वारा बनाई गई गति समाप्त न हो।

अंग्रेजी अखबार हिन्दुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों देश कई मुद्दों पर बात करेंगे जिसमें सीमा विवाद भी शामिल है खासतौर से अरुणाचल प्रदेश की, भारत चीन के बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (बीआरआई) का विरोध करता रहा है और चीन का पाकिस्तान स्थित आतंकियों को लेकर रुख सम्मेलन के एजेंडे में शामिल रहेंगे। भारतीय अधिकारी ने कहा अप्रैल 2018 में हुई वुहान बैठक से यह बैठक गुणात्मक रूप से अलग होगी।

भारतीय अधिकारी ने कहा, ‘वुहान बैठक दोकलम में हुए सैन्य गतिरोध की पृष्ठभूमि के दौरान आयोजित हुई थी। इसका उद्देश्य रिश्तों को पुनर्थापित करना था। उस दौरान नेताओं से रणनीतिक मार्गदर्शन मिला था कि चीजें शीर्ष पर बेहतर हैं और इस संदेश को नीचे तक भेजा गया था जिसके परिणामस्वरूप सरकार के सभी क्षेत्रों में बेहतर समझ बन सकी।’

अधिकारी ने आगे कहा, ‘इससे खोया हुआ विश्वास दोबारा कायम हुआ और एक दूसरे के प्रति संवेदनशीलता का बेहतर प्रबंधन हुआ। दूसरी बैठक में माना जा रहा है कि दोकलम के मुद्दे से आगे निकलेंगे और वुहान की भावना का निर्माण करेंगे।’ उन्होंने बताया कि दोनों पक्ष अपने मतभेदों को दूर करने की कोशिश कर रहे हैं।

जहां भारत ने चीन के दूसरे बीआरआई कार्यक्रम से दूरी बनाई है क्योंकि उसने जैश-ए-मोहम्मद के मुखिया मसूद अजहर को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद् में वैश्विक आथंकी घोषित किए जाने के मार्ग पर अड़ंगा लगाया था। वहीं चीन सीमा विवाद, बीआरआई, दलाई लामा, व्यापार और निवेश जैसे मुद्दों पर भारत से बात करना चाहता है।

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