2017 में हुई एसएससी सीजीएल परीक्षा पेपर लीक मामले में उच्चतम न्यायालय ने परिणाम जारी करने पर लगी रोक हटा ली है। अदालत ने कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) को केंद्र सरकार की नौकरियों में भर्ती को लेकर आयोजित सीजीएल 2017 के परीक्षा परिणाम जारी करने के निर्देश दिए हैं। एसएससी एक सरकारी निकाय है जो विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में विभिन्न स्तरों पर कर्मचारियों की भर्ती के लिए समय-समय पर परीक्षाओं का आयोजन करता है। इसके अलावा अदालत ने सेवानिवृत्त जज के नेतृत्व में एक समिति का गठन किया है। यह समिति सुझाव देगी की कैसे नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में दाखिले के लिए आयोजित होने वाली परीक्षाओं को पूरी सुरक्षा और पारदर्शिता के साथ आयोजित करने के लिए क्या कदम उठाने चाहिए।

अपने आदेश में कोर्ट का कहना है कि जज जीएस सिंघवी के नेतृत्व वाली सात सदस्यीय समिति में इंफोसिस के पूर्व अध्यक्ष नंदन नीलेकणि और वैज्ञानिक विजय भाटकर भी शामिल होंगे। पिछले कई महीनों से पीठ 2017 में हुई एसएससी की संयुक्त स्नातक स्तर (सीजीएल) परीक्षा के प्रश्न पत्र लीक होने और इन प्रश्नपत्रों को निरस्त करने को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई कर रहा था। न्यायमूर्ति एसए बोबडे और एनवी रामाना की पीठ ने मंगलवार को याचिकाकर्ता के वकील प्रशांत भूषण के न आने की वजह से सुनवाई स्थगित कर दी थी।
उच्चतम न्यायालय ने पिछले महीने सीबीआई को मामले में नई स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया था। एसएससी सीजेएल की परीक्षा के पर्चे कथित तौर पर लीक हो गए जिसके कारण बड़ी संख्या में रोजगार की तलाश कर रहे युवाओं ने कई दिनों तक विरोध प्रदर्शन किया था।