इस चि’लचिलाती गर्मी में भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र के हिमालय के तरफ वाले क्षेत्रों में रविवार की संध्या मौसम का मिजाज बदला गया हैं . जी हां ते’ज हवा चलने के साथ ही बारिश भी शुरू हो गई हैं और साथ ही अनुमंडलीय जगहों के विभिन्न गांवों एवं शहर में ते’ज हवा के कारण कई मकान छ’तिग्रस्त हो गए हैं . सबसे बु’री बात तो ये है कि दर्जनों पेड़ भी न’ष्ट हो गए है पेड़ो को हवा ने उ’खाड़ एक जगह से दूसरे जगह पहुंचा दिया।

इस तेज़ आं’धी से दुकानों के छप्पर, करकट आदि से बनाए मकानों को भारी क्ष’ति पहुँची हैं .साथ ही आपको बता दें कि लीची, आम, कटहल आदि के पेड़ एवं फलों को काफी नु’कसान पहुँचा हैं . इस दौरान ओ’लावृष्टि की बरसात भी देखी गयी . लेकिन इस भी’षण गर्मी में लोगों को बारिश ने थोड़ी राहत मिली। लोग ने ली राहत की सांस .

एक तरफ लोगों को गर्मी से राहत मिली थी वही दूसरी तरफ नेपाल के सीमावर्ती इलाके में तु’फानी हवा से अफ’रात’फरी का माहौल बन गया हैं . दु’ख की बात है कि दर्जनों पेड़ व घर क्ष’तिग्रस्त हो गए हैं .जब तक मौसम के मिजाज को लोग समझ पाते इसी बीच देखते ही देखते दुकानों का समान सड़क पर बिखर गया और साथ ही अनुमान लगाया गया कि हवा की गति करीब 75 से 95 किलोमीटर प्रतिघंटा थी. कई स्थलों पर पेड़ गि’रने से जनजीवन भी बा’धित हो गया हैं.

इसी दौरान शहर के अनुमंडल कार्यालय के समीप पानी टंकी का सीढ़ी भी छ’तिग्रस्त हो गया हैं . जो कि एक आवासीय मकान पर गि’र जाने से परिवार के विष्णु ङ्क्षसह, शांति देवी, मौजे वार्ड नंबर बीस निवासी बु’री तरीके से घा’यल हो गए हैं. इस भी’षण आं’धी के कारण गर्मी से तो राहत मिली लेकिन कई जगहों पे भारी छ’ति भी हुई है .

Input : Dainik Jagran