पटना. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बेली रोड स्थित नए पुलिस मुख्यालय का उद्घाटन किया। पुराना सचिवालय में वर्ष 1917 से चल रहा पुलिस मुख्यालय बेली नए भवन में शिफ्ट हो गया। नए पुलिस मुख्यालय का नाम सरदार पटेल भवन रखा गया है।
अहम पहलू यह भी है कि पुलिस मुख्यालय को ‘स्टेट ऑफ द आर्ट’ व ‘सिग्नेचर बिल्डिंग’ के रूप में बनाया गया है। नए भवन में मुख्यमंत्री, गृह सचिव, डीजीपी व अन्य आला अफसरों के अलावा बीएमपी, स्पेशल ब्रांच, सीआईडी, ट्रेनिंग, वायरलेस, रेल पुलिस सहित सभी विंग के कार्यालय होंगे।
भूकंपरोधी इमारत: आइसोलेशन तकनीक का इस्तेमाल
नवनिर्मित पुलिस मुख्यालय भूकंपरोधी के साथ ही ग्रीन बिल्डिंग है। राज्य में पहली बार इस इमारत के बेस में आइसोलेशन तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। इसके कारण रिक्टर स्केल पर 9 तीव्रता का विनाशकारी भूकंप आने पर भी यह बिल्डिंग सुरक्षित रहेगी।
इमारत को इस तरह डिजाइन किया गया है कि प्राकृतिक या अन्य आपदा के समय यह इमरजेंसी ऑपरेशनल सेंटर की तरह भी काम कर सकेगा। साथ ही पुलिस की हर यूनिट के अफसर ऑपरेशन को मॉनिटर कर सकेंगे। इसकी नींव और छत को इतना मजबूत बनाया गया है कि आवश्यकता पड़ने पर हेलीकॉप्टर भी उतारा जा सके।
कई मायनों में है खास: 10 दिनों के पावर बैक व सोलर सिस्टम की व्यवस्था
मुख्यालय भवन कई मायनों में खास है। आपदा की स्थिति में बिजली नहीं रहने पर यहां 10 दिनों के पावर बैक की व्यवस्था की गई है। यानी पूरे राज्य में बिजली गुल होने पर भी यहां पावर (उर्जा) की कमी नहीं होगी। इसके लिए विशेष उपकरण लगाने के साथ ही सोलर पावर के भी इंतजाम किए गए हैं।
टेक्निकल सर्विलांस व मोबाइल ट्रैकिंग सिस्टम से लैस इस परिसर में आग से बचाव के लिए अत्याधुनिक उपकरण भी लगाए गए हैं। इमारत में चाक-चौबंद चौकसी रहेगी। इंट्री की भी खास व्यवस्था की गई है। इंट्री प्वाइंट पर विशेष मशीन लगाए गए हैं। इसके तहत खास किस्म के इलेक्ट्रॉनिक कार्ड के स्वैप करने पर ही भीतर जाने के लिए रास्ता खुलेगा।
मुख्यालय की खासियत
07 एकड़ जमीन पर सात मंजिला भवन
388 करोड़ रुपए निर्माण कार्य पर खर्च हुए
450 वाहनों के लिए अंडरग्राउंड पार्किंग है परिसर में
परिसर में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट
गंदे पानी के शोधन के लिए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट
यहां इस्तेमाल होने वाला पानी बाहर नहीं जाएगा
सातवें तल्ले की छत पर एक हिस्से में हेलीपैड