नहीं थम रहा पुलिस पर हम’लों का सिलसिला, भीड़ की ‘एकजुटता’ बनने लगी आरोपियों की ढाल

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MUZAFFARPUR : 9 जून रविवार की देर शाम मुजफ्फरपुर-दरभंगा फोरलेन के संगमघाट पुल के पास वाहन जाँच के दौरान अहियापुर पुलिस द्वारा युवक की पि’टाई से आ’क्रोशित स्थानीय निवासियों ने पुलिसकर्मियों और पुलिस वाहन पर जमकर पथ’राव किया और उन्हें दौ’ड़ा-दौ’ड़ा कर पी’टा, जिसमें थानाध्यक्ष सोना प्रसाद सिंह समेत चार पुलिसकर्मी गं’भीर रुप से घा’यल हो गये. हम’ले में पुलिस जिप्सी भी क्ष’तिग्रस्त हो गई. इस दौरान रास्ते से गुजर रहे सिटी एसपी नीरज कुमार सिंह के एस्काॅर्ट वाहन को अहियापुर थाना की गाड़ी समझ हम’लावरों ने ह’मला कर एक जवान को घा’यल कर दिया. अहियापुर थाने की पुलिस टीम पर रविवार रात हुई जा’नलेवा ह’मले ने पुलिस महकमे में खलबली मचा दी है. जिला से लेकर पुलिस मुख्यालय तक इसकी जानकारी लेने में जुटे हैं. इसके अलावा खुफिया एजेंसी के अधिकारी भी इस ह’मले की पूरी जानकारी लेने में जुटे रहे. ज’ख्मी जवानों के बयान के आधार पर 50 से अधिक उप’द्रवियों-हम’लावरों के खिलाफ प्रा’थमिकी दर्ज की जा रही है.

बीते तीन जून को भी अहियापुर पुलिस पटियासा बखरी में एक वा’रंटी को गिर’फ्तार करने गई थी. गिर’फ्तारी के विरोध में लोगों ने अहियापुर पुलिस टीम पर ला’ठी-डं’डे से ह’मला कर दिया था. इस दौरान कई पुलि’सकर्मियों को चो’टे आयीं थीं. मामले में पुलिस ने करीब 33 लोगों के खिलाफ प्रा’थमिकी दर्ज की थी, पर अब तक किसी की भी गिर’फ़्तारी सुनिश्चित नहीं हो सकी है.

”पुलिस जिस पर कानून लागू करवाने का दायित्व है और कानून की रक्षक है उसी पर लोग ह’मला करेंगे कानून तो’डेंगे तो पुलिस का मनोबल टूटेगा।’ इस मामले में बिहार के डीजीपी गुप्तेश्वर पाण्डेय ने कहा कि, ”भारत के सविधान 51(क) अनुच्छेद में लिखा हैं कि नागरिकों को कानून का पालन करना चाहिए और कानून पालक एजेंसी के रूप में पुलिस की सहायता करनी चाहिए।”

बिहार में पुलिस के खिलाफ आ’क्रोशित हिंसक भीड़ द्वारा ह’मला किये जाने का यह कोई पहला मामला नहीं है. दुर्भाग्य से यह सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा. बिहार के कई जिलों में पिछले पांच महीनों के दौरान पुलि’सकर्मियों पर ह’मले के दो दर्जन से अधिक मामले सामने आए हैं. इस पर सामाजिक संस्था मानवाधिकार संरक्षण प्रतिष्ठान की राष्ट्रीय परिषद के सदस्य नवेंदु झा कहते हैं, ”आक्रोश की वजह पुलिस प्रशासन की ‘कार्यशैली’ रही है, जो लोगों का भरोसा हासिल नहीं कर पा रही है.” इसी वजह से मामूली घट’नाओं में भी लोग पुलिस कार्रवाई का वि’रोध करने लगे हैं. भीड़ की ‘एकजुटता’ आरोपियों की ढाल बनने लगी है. जनता के सहयोग से ही अ’पराध पर काबू पाया जा सकता है. लेकिन कुछ घट’नाओं में लोग उग्र हो जाते हैं और पुलिस पर प’थराव करने लगते हैं, जो खतरनाक प्रवृत्ति है.” पुलिस पर ये ह’मले वाकई राज्‍य प्रशासन और पुलिस के लिए चिंतनीय विषय हैं.

लोगों के मानसपटल पर पुलिस की नका’रात्मक भूमिका इस कदर हावी हो चुकी है की लाख प्रयासों के बावजूद पुलिस अपनी इस छवि को बदल नहीं पा रही है. छोटी-छोटी बातों पर लोग आ’क्रोशित हो कर कानून  कानून व्यवस्था को अपने हाथों में लेने में पीछे नहीं हट रहे.  इनमें दं’गे-उप’द्रव जैसे हालात पैदा करना, सरकारी अधिकारियों को उनका काम करने से रोकना और सरकारी तथा सा’र्वजनिक संपत्ति को नु’कसान पहुँचाने सहित कई मामले शामिल हैं. पिछले कुछ महीनों के रिकॉर्ड पर गौर करें तो पुलिस पर ह’मले के कितने ही मामले सामने आ चुके हैं, सैकड़ों पर प्राथमिकियाँ भी दर्ज हुई, कई गिर’फ्तार भी किये है, पर अधिकतर अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर खुले आम घूम रहे हैं.

गत 27 मई को काँटी थाना क्षेत्र के नरसंडा में सड़क हा’दसे में हुये बाइक सवार युवक की मौ’त के बाद मुआवजे हेतु टरमा चौक पर सड़क जा’म कर रहे परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों पर सड़क जा’म हटवाने के लिए काँटी पुलिस द्वारा ब’ल प्रयोग करने के दौरान हुए ब’वाल में उ’ग्र भी’ड़ ने प’थराव करने के साथ ही बांस-बल्लों से ह’मला कर दिया जिसमें काँटी थानाध्यक्ष कुंदन कुमार समेत 07 पुलिसकर्मी घा’यल हो गए.

12 अप्रैल को समस्तीपुर में राजकीय मेला इंद्रवारा केवल स्थान में अनियंत्रित ट्रक द्वारा चार लोगों को कु’चले जाने से सभी की मौ’त घटनस्थल पर ही हो गई थी. जिसके बाद आक्रो’शित लोगों ने ट्रक को आ’ग के हवाले कर दिया और मौके पर पहुंची पुलिस की टीम पर ह’मला कर दिया. जिसके बाद पुलिस ने स्थिति नियंत्रित करने के लिए हवाई फाय’रिंग की. आक्रो’शित लोगों ने पुलिस वाहन व स्थानीय अंचलाधिकारी के वाहन को भी क्ष’तिग्रस्त कर दिया. इसके साथ ही मेला में लगी पांच बाइक को भी आ’ग के हवाले कर दिया.

26 मार्च को अघोरिया बाजार चौक पर यातायात नियंत्रण में तैनात होमगार्ड के जवान ने रॉन्ग साइड से आने पर ऑटो को रोका जिसके बाद मामला बढ़ गया और ऑटो चालकों ने यातायात सिपाही को बेर’हमी से दौड़ा-दौड़ा कर पी’टा और उसका वीडियो भी बनाया.

22 मार्च को अवैध ताड़ी की भट्टी खाली कराने गई मोतीपुर पुलिस पर श’राब व ता’ड़ी कारोबारियों ने ह’मला कर दिया और पुलिस जिप्सी को क्षतिग्रस्त कर दिया था. मोतीपुर पुलिस थाना क्षेत्र के बस स्टैंड के पुरानी रोड स्थित ताड़ियों के गद्दियों को खाली करने गई थी, पुलिस के पहुँचते ही इलाके के असा’माजिक प्रवृति के व्यक्तियों ने हमला कर पुलिस जिप्सी को क्ष’तिग्रस्त करते हुए बीच सड़क पर पलट दिया. हमले में कई पुलिस जवान घा’यल हो गए थें.

18 मार्च को काजी मोहम्मदपुर थाना क्षेत्र के माडी़पुर पुल के समीप उर्मिला होटल के सामने फ्लैग मार्च से लौट रहे समस्तीपुर निवासी रैपिड एक्शन फोर्स के जवान सुधीर कुमार मांझी को बाईक सवार दो अज्ञात अप’राधियों ने गो’ली मार दी थी.


19 मार्च को ही मोतीपुर थाना क्षेत्र के नरियार के बतरौल में भूमि वि’वाद को लेकर रामएकबाल राय और उमेश राय के बीच मा’रपीट की सूचना पर पहुंचे थानाध्यक्ष अनिल कुमार सिंह समेत 9 पुलिसकर्मियों पर मिर्च पॉउडर छिड़क कर ला’ठी-डं’डो से ह’मला करते हुए केरोसिन तेल डाल कर ज’लाने का भी प्रयास किया गया था.
17 मार्च को मोतिहारी के मधुबन थाना क्षेत्र के टलवा गड़हरिया गाँव में अवैध शराब की सूचना पर छा’पेमारी करने गयी पुलिस टीम पर श’राब कारोबारी विकास कुमार कुशवाहा और उसके समर्थकों द्वारा ह’मला किया गया था.
16 मार्च को सकरी सरैया के बिनटोलिया में शराब बनाने के अड्डे पर पहुंची तुर्की थाना की पुलिस पर श’राब कारोबारियों व उनके समर्थको द्वारा ह’मला कर दिया गया था. पुलिस जीप चालक अजय प्रताप सिंह को बुरी तरह पी’टा गया, पुलिस से हथि’यार छीनने के भी प्रयास किये गए. इस मामले में 7 लोगों को गिर’फ्तार करते हुए 8 नामजद और 20-25 अज्ञात व्यक्तियों  के खिलाफ मामला द’र्ज किया गया था.


15 मार्च को सकरा के भरथीपुर पंचायत के महमदपुर चौक पर टेम्पो चालक की पि’टाई के बाद हुए बवाल में बरियारपुर ओपी पुलिस पर स्थानीय ग्रामीणों द्वारा ह’मला किया गया. ह’मले के बाद एक दरोगा और हवलदार को भी बंधक बना लिया गया था.
15 मार्च को ही शिवहर के श्यामपुर भटहां थाना की पुलिस विशेष अभियान के तहत फुलकाहां गांव में छा’पेमारी करने गई पुलिस टीम पर शराब धंधेबाजों ने ह’मला कर दिया. ग्रामीणों ने ईंट पत्थरों से पुलिस वाहन के शीशे तो’ड़ दिए. इसके बाद पुलिस टीम को बैरंग लौटना पड़ा था. बाद में एसडीपीओ ने आठ व्यक्तियों को हि’रासत में लिया था. वहीं जब्त ताड़ी के गैलन, श’राब की बोतल एवं क्षतिग्रस्त पुलिस वाहन को किसी तरह थाने लाया गया था.

12 मार्च को अहियापुर थाना क्षेत्र के शेखपुर ढाब स्थित झपसी टोला में छा’पेमारी करने गयी अहियापुर थाना पुलिस के सहयोग में गयी महिला थाना प्रभारी आभा रानी पर स्थानीय असा’माजिक तत्वों ने ह’मला कर दिया था जिसमे उनके हाथ में चो’टें आयी थीं और चौकीदार जगत पासवान भी ज़’ख़्मी हो गए थे. इस मामले में 14 नामजदों सहित 55 अज्ञात व्यक्तियों पर मामला द’र्ज कराया गया था.

7-8  मार्च की रात करीब डेढ़ बजे बरियारपुर ओपी के रामपुर भसौन गांव में श’राब की खेप ज’ब्त कर रही सकरा पुलिस पर भी’ड़ ने ला’ठी डं’डे से लैस होकर पुलिस के साथ ध’क्का मु’क्की की और ह’मला कर दिया, पुलिस वैन के शीशे तो’ड़ दिए. पुलिस पर ह’मला करने व धंधे में संलिप्त होने के मामले में रामपुर भसौन गांव के छोटु कुमार, संजय कुमार सिंह, शुभम कुमार, लालबाबू सिंह व गुड्डू कुमार को नाम’जद किया था.

12 फरवरी 2019 को सदर थाना के श्रमजीवी नगर मोहल्ला में मंगलवार की दोपहर मूर्ति विसर्जन कर लौट रहे युवकों पर पुरानी रंजिश में स्थानीय युवकों ने हमला कर दिया। इस दौरान दोनों पक्ष ने करीब पांच घंटे तक बवाल किया. इसमें दोनों ओर से करीब एक दर्जन युवक चो’टिल हो गए. मौके पर पहुंची सदर पुलिस से भी उ’ग्र भीड़ ने ध’क्का-मु’क्की की और ख’देड़ दिया. सदर पुलिस पर रो’ड़े भी बर’साये गए थे, जिसमें कई जवानों को चो’टें आयी थीं.

इन सबके अलावा कई अन्य मामले हैं, जिसमें पुलिसकर्मियों को आक्रो’शित भी’ड़ के को’पभाजन का शिकार होना पड़ा है. उनके मन में आख़िरकार पुलिस वालों को ले कर वो कौन सी न’फरत है जो उनको बार बार आ’क्रामक होने पर मजबूर कर रही है ये जरूर मंथन का विषय है……. कम से कम एक सुरक्षित समाज के लिए .

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