
MUZAFFARPUR (ARUN KUMAR) : नो इंट्री के बावजूद शहर में भारी वाहनों का परिचालन बदस्तूर जारी है. आये दिन नो एंट्री के बावजूद भारी वाहन चालकों द्वारा यातायात के नियमों की ध’ज्जियां उड़ायी जाती हैं. इसका खामियाजा आम लोगों को अपनी जा’न गँ’वा कर चुकाना पड़ रहा है. मंगलवार दोपहर 11:30 बजे मुशहरी थाना क्षेत्र के छोटी कोठिया निवासी राजेश सहनी अपनी 35 वर्षीय पत्नी मुनिता देवी और 5 वर्षीय बच्चे के साथ मोटरसाइकिल से अपने रिश्तेदार के घर कोल्हुआ जा रहा था.

इस बीच नगर थाना क्षेत्र के सिकंदरपुर कुंडल स्थित बाल सुधार गृह के समीप यूपी नंबर की तेज़ र’फ़्तार ट्रक ने ठो’कर मा’र दी जिससे ट्रक के नीचे आ जाने से मुनिता देवी गं’भीर रूप से घा’यल हो गई. हा’दसे में बच्चे को भी आंशिक चो’टें लगी हैं. आनन-फानन में परिजनों और स्थानीय लोगों के सहयोग से इ’लाज हेतु उसे सदर अ’स्पताल में भ’र्ती कराया गया, जहाँ महिला की मृ’त्यु हो गई. इधर लोगों ने ट्रक को ख’देड़ कर पकड़ लिया.

इस बीच लोगों ने ट्रक ड्राइवर की जमकर पिटाई कर दी. महिला की मौ’त की खबर मिलते ही स्थानीय लोग आक्रो’शित हो उठे और ट्रक में जमकर तो’ड़फो’ड़ कर दी. प्रशासन की सक्रियता की वजह से आक्रो’शित स्थानीय लोग ट्रक को आ’ग के हवाले नहीं कर सके. सदर अस्पताल में महिला की मौत के बाद बिना पो’स्टमॉ’र्टम कराये पुलिस के कब्जे से मृ’तका के श’व को ऑटो में लाद कर घट’नास्थल ले गए और बीच सड़क पर श’व रखकर मुआ’वजे की मांग को लेकर बांस बल्ले लगाकर सड़क जा’म कर दिया और प्रशासन वि’रोधी ना’रे लगाए.

सूचना पर नगर थाना, सिकंदरपुर ओपी और क्यूआरटी टीम की पुलिस मौके पर पहुँच कर लगभग तीन घंटे तक आक्रो’शितों को सम’झा बु’झा कर जा’म समा’प्त कराया जा सका और श’व को क’ब्जे में लेकर पो’स्टमॉ’र्टम हेतु एसकेएमसीएच भेज दिया गया. मुशहरी अंचलाधिकारी द्वारा सामाजिक सुरक्षा और कबीर अंत्ये’ष्टि के तहत पीड़ित को तत्काल राशि मुहैया कराया गया. वही आपदा राहत कोष से सहायता राशि के तहत 4 लाख रूपए के मुआवजा के आश्वासन उपरांत श’व को पो’स्टमॉ’र्टम हेतु भेजा जा सका.

इस बीच स्थानीय एक युवक को पुलिस से मिलीभ’गत कर मामले को रफा-दफा करवाने और इलाके में अ’वैध श’राब का कारोबार करने के आरोप में स्थानीय लोग बाला उर्फ़ बलुआ को जमकर पी’ट दिया. साथ ही वार्ड पार्षद भोला गुप्ता को भी लोगों का आ’क्रोश झे’लना पड़ा. पुलिस की सक्रियता से दोनों को भीड़ के ह’त्थे चढ़ने से बचाया जा सका.





