
MUZAFFARPUR : बिहार में बढ़ते अप’राध के मद्देनजर राज्य सरकार द्वारा बिहार के पुलिस महकमे में एक बड़ा परिवर्तन करने जा रही है. मिली जानकारी के अनुसार बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पुलिस महकमे में पुलिस के वरीय अधिकारी स्तर पर एक बड़ा बदलाव करने जा रहे हैं. बिहार में बढ़ते अप’राध और गिरती विधि व्यवस्था की चुनौतियों से निपटने को लेकर राज्य सरकार ने यह फैसला लिया है. यह परिवर्तन प्रारंभिक दौर में पुलिस महानिरीक्षक और पुलिस उपमहानिरीक्षक स्तर पर किए जाने की खबर है.

नीतीश कुमार की नई व्यवस्था के तहत ज़ोन के आईजी और डीआईजी एक ही जोन में न रहकर अलग-अलग जिलों में तैना’त रहेंगे. जिन जिलों में आईजी की तैनाती होगी वहां डीआईजी के पद समाप्त कर दिए जाएंगे. जिन जिलों में डीआईजी की तैनाती होगी वह आईजी को रिपोर्ट ना कर सीधे पुलिस मुख्यालय को या यूं कहें सीधे डीजीपी को रिपोर्ट करेंगे. उदाहरण स्वरूप जैसे जिस जिले में जिलाधिकारी से उपर कमिश्नर (आयुक्त) पद है और आयुक्त सीधे मुख्य सचिव को रिपोर्ट करते हैं ठीक उसी प्रकार की व्यवस्था सूबे के पुलिस महकमे में लागू करने की कवायद की जा रही है. नीतीश कुमार की इस नई व्यवस्था के मद्देनजर कई फेरबदल किए जा रहे हैं. राज्य सरकार की नई नीति के तहत कई जिलों के पुलिस कप्तान के भी तबादले की प्रबल सम्भावना व्यक्त की जा रही है.

जानकारी के अनुसार बिहार में पटना मुजफ्फरपुर दरभंगा और भागलपुर मिलाकर पुलिस के चार जोन हैं, जहां वर्तमान समय में पुलिस महानिरीक्षक की प्रतिनियुक्ति है. नई व्यवस्था लागू होने के बाद इन सभी ज़ोनों में केवल आईजी के पद पूर्ववत रहेंगे वहीं डीआईजी पद को समाप्त कर दिया जाएगा. राज्य सरकार के आदेश पर नई व्यवस्था के तहत पूर्णिया और गया में आईजी के 2 नए पद सृजित किए जाएंगे. मिली खबर के अनुसार मुंगेर, सारण, बेतिया, शाहबाद और सहरसा में डीआईजी के पद पूर्ववत बने रहेंगे, वहीं बेगूसराय में भी अब डीआईजी के नए पद सृजित किए जा रहे हैं.

वर्तमान में बिहार में 4 जोनों के जोनल आईजी के अधीन तकरीबन 10-10 जिलों का जिम्मा है. नीतीश कुमार की नई नीति के तहत अब जोन के आईजी के अधीन 10 जिलों का जिम्मा नहीं रहेगा, उन्हें घटाकर कम करने की व्यवस्था की जा रही है. बताया जा रहा है कि चारों सोन के आईजी के अधीन जिलों का नए सिरे से बंटवारा किया जाएगा और जोनल आईजी उन्हीं जिलों के अधिकारी होंगे जो उनके अधीन होंगे. वही नई व्यवस्था के तहत अब मुजफ्फरपुर, पटना और गया जिले में डीआईजी के पद नहीं होंगे, या यूं कहे कि डीआईजी की जिम्मेदारी जिलों में प्रतिनियुक्त आईजी के अधीन विलय कर दी जाएगी.

मुख्यमंत्री नीतीश सरकार द्वारा बिहार में बढ़ते अप’राध और लगातार गिरती विधि व्यवस्था पर लगाम लगाने की दिशा में पुलिस महक’मे में नई व्यवस्था के तहत बड़े स्तर पर परिवर्तन किया जा रहा है, जिस पर पूर्ण सहमति बन चुकी है और यह प्रक्रिया अब अपने अंतिम चरण में है जिसके तहत जल्द ही निर्णय कर लिया जायेगा. अब देखना दिलचस्प होगा कि नीतीश सरकार की इन तमाम व्यवस्थाओं और बड़े परिवर्तन के बावजूद अप’राध से कराहते बिहार को राहत मिल पाती है या नहीं?

बताया जाता है कि विधानसभा सत्र चलने के कारण नई व्यवस्था लागू होने में कुछ वक्त लग सकता है. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बिहार में बढ़ते अप’राध को लेकर चिंतित हैं और अ’पराध नियंत्रण की दिशा में बैठकों पर बैठक कर रहे हैं पर अप’राध की गति धीमी होने की बजाय पहले से अधिक बढ़ चुकी है. नीतीश कुमार के सख्त तेवर देखकर पुलिस के वरीय अ’धिकारियों के भी होश उड़े हैं. बिहार पुलिस के मुखिया भी सूबे के तमाम जिलों में औच’क निरीक्षण कर लापर’वाह पुलिस पदाधिकारियों पर लगातार कड़ी कार्रवा’ई कर रहे हैं और पुलिस की कमजोर कड़ियों को मजबूत करने की सीख भी दे रहे हैं.



