MUZAFFARPIR (ARUN KUMAR) : मुजफ्फरपुर जिला के सर्वाधिक अप’राध प्रभावित क्षेत्र घोषित अहियापुर के थानाध्यक्ष सोना प्रसाद सिंह को अप’राध नि’यंत्रण में विफल पाते हुए तिरहुत जोन के डीआईजी रविन्द्र कुमार ने गत् गुरुवार को तत्काल प्रभाव से नि’लंबित कर दिया था. निलंबन के बाद से ही पुलिस कप्तान अहियापुर थाना की जिम्मेवारी किसी तेज-तर्रार पुलिस अधिकारी को देना चाह रहे थे.

इस दौरान डीआईयू, एसआईटी और सर्विलांस के प्रभारी संजीव शेखर झा को अहियापुर की कमान सौंपी गयी है. जिले का सर्वाधिक अप’राधग्रस्त घोषित इलाका अहियापुर थानाध्यक्ष के पद पर बैठना पुलिस पदाधिकारियों को कांटो का ताज पहनना सरीखा प्रतीत हो रहा था, जिसे कोई नहीं लेना चाहता था, पर इसे चुनौती के रुप में स्वीकारा संजीव शेखर झा ने.


सवाल यह है कि तत्कालीन जोनल आईजी के आदेश की अनदेखी कर आखिर किस परिस्थितियों में एक कथित आ’रोपी पदाधिकारी को एक महत्वपूर्ण पद पर प्रतिनियुक्ति की गई यह जां’च का विषय है. मामले में पटना मुख्यालय आईजी नैय्यर हसनैन खान ने संज्ञान लिया और आश्चर्य व्यक्त करते हुये कहा कि मामले में तिरहुत जोन के जोनल आईजी से जांच के आदेश दिये जायेंगे, कि आखिर एक दा’गी पदाधिकारी को महत्वपूर्ण पद की जि’म्मेवारी कैसे और किन परिस्थितियों में सौंपी गई है.





मामले के आ’रोपी इंस्पेक्टर संजीव शेखर झा उस वक़्त मुजफ्फरपुर जिले के काजीमुहम्मदपुर थाना में थानाध्यक्ष के पद पर पदस्थापित थें. आईजी नैय्यर हसनैन खान ने कार्रवाई की प्रति मद्धनि’षेध विभाग के आईजी, मुजफ्फरपुर आईजी, डीआईजी, एसएसपी एवं पटना के डीआईजी, एसएसपी को प्रेषित किया था.


दा’गी पुलिस पदाधिकारी को अहियापुर थानाध्यक्ष बनाये जाने के मामले में तिरहुत जोन के जोनल आईजी गणेश कुमार ने अनभिज्ञता जाहिर करते हुये कहा कि थानाध्यक्ष की नियुक्त एसपी/एसएसपी के अधीन होती है. उन्होंने पूरे मामले से अवगत होते हुये कहा कि इस तरह के गं’भीर मामले में शीघ्र जांच कर दो’षी के विरुद्ध अनुशा’सनिक का’र्रवाई की जायेगी. वहीं मामले में जिले के एसएसपी से सम्पर्क करने का दो बार प्रयास किया गया पर, कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी.


जून माह में मामले की जानकारी एसएसपी मनु महाराज को हुई. एसएसपी के आदेश पर मामले की जां’च की गई. तब तक पाटलिपुत्रा के थानेदार बदल चुके थे. पाटलिपुत्रा थाना की जिम्मेवारी टीएन तिवारी को मिल गई थी. मामले की जां’च की गई और आरोप सही पाया गया. इसके बाद चोरी की एफआ’ईआर दर्ज की गई. इस मामले में एसएसपी ने डीएसपी लॉ एंड ऑर्डर डॉ. मो. शिब्ली नोमानी से रि’पोर्ट भी तलब की गई थी.
