
गोपालगंज : पंजाब के अमृतसर में हुए हादसे में गोपालगंज के राजेश भगत की भी दर्दनाक मौत हो गई. जैसे ही राजेश के मौत की खबर घरवालों तक पहुंची, पूरे गांव में मातम फैल गया. 30 साल के राजेश की बीवी बार-बार गश खाकर बेहोश हो रही है. वह बताती है कि हादसे से कुछ घंटे पहले ही शुक्रवार शाम पति से उनकी बात हुई थी. राजेश ने छठ पूजा में आने का वादा किया था.

45 साल का राजेश भगत गोपालगंज के बरौली के सलोनी गांव का रहने वाला था. मृतक के पिता का नाम नथुनी भगत है. वह बताते हैं कि उनका बेटा अमृतसर में पिछले 15 साल से धागा फैक्ट्री में काम करता था.
हादसे के वक्त वह भी घटना स्थल पर मौजूद था और रावण दहन कार्यक्रम में भाग ले रहा था. तभी अचानक भगदड़ और रेल हादसे में उसकी मौत हो गई. इस घटना के बाद मृतक के घर और गांव में कोहराम मच गया है.
हादसे के वक्त वह भी घटना स्थल पर मौजूद था और रावण दहन कार्यक्रम में भाग ले रहा था. तभी अचानक भगदड़ और रेल हादसे में उसकी मौत हो गई. इस घटना के बाद मृतक के घर और गांव में कोहराम मच गया है.
राजेश की पत्नी शारदा देवी ने बताया कि उनका पति पांच माह पूर्व ही दोबारा वापस काम पर गया था. वहीं मृतक के बड़े भाई भूलन भगत ने बताया की दो दिन पूर्व ही उसने भाई से बात हुई की थी. इस बार छठ पूजा धूमधाम से मनाने की तैयारी चल रही थी. किसी को भी नही पता था कि यह उसका आखिरी फोन कॉल होगा.
शुक्रवार शाम 6.30 बजे अमृतसर में दशहरे के मौके पर रावण दहन के दौरान ट्रेन की चपेट में आने से कम से कम 60 लोगों की मौत हो गई. अमृतसर के सिविल अस्पताल के सीएमओ ने हादसे में 60 लोगों की मौत और 51 के घायल होने की पुष्टि की है. हादसा जोड़ा रेल फाटक के पास उस वक्त हुआ जब पठानकोट से अमृतसर जा रही डेमू ट्रेन गुजर रही थी. मरने वालों में ज्यादातर लोग उत्तर प्रदेश और बिहार के लोग हैं. मौके पर कम से कम 300 लोग मौजूद थे जो पटरियों के निकट एक मैदान में रावण दहन देख रहे थे.