सावन का महीना शिवभक्तों के लिए बेह’द खास है. इस पूरे महीने भगवान शिव की पूजा का विधान तो है ही, साथ ही लोग द्वादश ज्योतिर्लिंगों के दर्शन के लिए भी जाते हैं.इन्हीं में से एक है झारखंड के देवघर में स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम. इस धाम में सावन के महीने में हर रोज करीबन एक लाख श्रद्धालु दर्शनों के लिए पहुंचते हैं.यह धाम इस बार के श्रावणी मेले को लेकर पूरी तरह तैयार है.

वैसे तो यहां सालभर श्रद्धालुओं की भी’ड़ लगती है, लेकिन सावन के महीने में यहां प्रतिदिन करीब एक लाख शिवभक्त मनोकामना शिवलिंग पर जलार्पण करते हैं. सोमवार को आने वाले शिवभक्तों की संख्या और भी बढ़ जाती है.
देवघर जिला प्रशासन, राज्य सरकार और मंदिर न्यास समिति ने इस साल सावन में यहां आने वाले शिवभक्तों को किसी प्रकार की परे’शानी न हो, इसे लेकर विशेष तैयारी की है.

देवघर जिला प्रशासन का दावा है कि झारखंड राज्य के प्रवेशद्वार दुम्मा से लेकर बाबाधाम में पड़ने वाले पूरे मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं के लिए बेहतर व्यवस्था की गई है. दुम्मा से लेकर बाबा मंदिर की दूरी लगभग 15 किलोमीटर है.देवघर के उपायुक्त (जिलाधिकारी) राहुल कुमार सिन्हा ने बताया कि पूरे मेला क्षेत्र में कड़ी सुरक्षा की व्यवस्था की गई है. उन्होंने बताया कि 17 जुलाई से शुरू होने वाले सावन महीने में अधिक भीड़ जुटने के म’द्देनजर बाबा पर जलार्पण के लिए ‘अरघा सिस्टम’ की व्यवस्था रहेगी.

अरघा के जरिए ही शिवभक्त जलार्पण करेंगे. इस साल मंदिर परिसर में तीन अरघा लगाए गए हैं.उन्होंने कहा, “राजकीय श्रावणी मेले के दौ’रान देवघर आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर से बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के म’द्देनजर चौतरफा तैयारियां की जा रही हैं.

श्रद्धालुओं के स्वागत को लेकर बैद्यनाथ धाम को बेहतर और आकर्षक लुक देने का काम अंतिम चरण में है. बाबाधाम को आकर्षक विद्युत व्यवस्था के साथ दूधिया रोशनी से नहलाया जा रहा है.”इस साल मेले के दौ’रान साफ-सफाई व सौंदर्यीकरण के कार्यो पर विशेष ध्यान केंद्रित किए जाने पर जोर दिया गया है.

मेले में सुरक्षा को लेकर भी पुख्ता तैयारी की गई है। देवघर के पुलिस अधीक्षक नरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि ‘क्राउड मैनेजमेंट’ पर विशेष ध्यान दिया गया है.
