
PATNA : इधर देश में शहरों और स्टेशनों के नाम बदलने की कवायद चल रही है. उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने तो इसकी शुरुआत कर दी है. पहले मुगलसराय स्टेशन का नाम बदलकर दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन किया अब फिर शहर इलाहाबाद का नाम भी बदल कर प्रयागराज कर दिया. इसके अलावा इससे पहले लखनऊ में हजरतगंज चौक को अटल चौक कर दिया गया. अब इसपर खूब सियासत हो रही है. कुछ लोग इस नाम बदलने को सही बता रहे हैं तो कुछ इसे इतिहास के साथ छेड़छाड़ तथा बीजेपी की कुंठित मानसिकता बता रहे हैं.
अब बिहार में भी नाम बदलने की सियासत शुरू हो रही है. केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने यूपी के इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज करने के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ को धन्यवाद दिया है और साथ ही बिहार के भी शहरों का नाम बदलने की मांग की है. उन्होंने कहा कि प्रयागराज नाम लेने मात्र से ही संस्कृति का भाव आता है और जो लोग नाम बदलने का विरोध करते हैं वो गुलाम मानसिकता के हैं.
उन्होंने कहा है कि कहा है कि आक्रांताओं ने हमारे शहरों के नाम बदले थे लेकिन ऐसे वक्त जब आज हम शक्ति में आए हैं तो उन नामों को बदल रहे हैं. गिरिराज सिंह ने कहा कि बिहार को खिलजी ने लूटा था और आज बिहार के बख्तियारपुर से लेकर कई शहर उन्हीं के नाम पर हैं, एेसे में इन शहरों का भी नाम बदल देना चाहिए.
हालांकि उनके इस बयान पर राजद के भाई वीरेंद्र ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. आरजेडी नेता भाई वीरेंद्र ने कहा कि गिरिराज सिंह अल्पसंख्यकों को धमकाना बन्द करे. श्रीराम बीजेपी के बाप नहीं हैं. वह अल्पसंख्यकों को डराना बंद करें. नीतीश कुमार अच्छे से समझ लेंगे गिरिराज सिंह को. उन्होंने कहा कि गिरिराज सिंह पहले बख्तियारपुर मोहल्ले का इतिहास जान लें, फिर इसका नाम बदलने की सोचें.