PATNA (ARUN KUMAR) : आज के दौर में सोशल मीडिया जिंदगी का एक अभिन्न हिस्सा बन चुका है. जिसके बहुत सारे सकारात्मक फायदे हैं जैसे कि सूचनाओं का आदान-प्रदान, मनोरंजन, और शिक्षित करना मुख्य रुप से शामिल है. पर इन सबसे उलट इसका दुरुपयोग भी कई रूपों में किया जा रहा है. सोशल मीडिया के जरिये न केवल सामाजिक और धार्मिक उन्मा’द भी फैलाया जा रहा है बल्कि स्वार्थ सिद्धि के लिये भी उपयोग किया जा रहा है.

साथ ही गलत, भ्रा”मक और फ’र्जी जानकारियां परोस कर समाज को बांटने के साथ ही समाज में हिं’सा को बढ़ावा देने जैसा घृ’णित कार्य किया जा रहा है तो कहीं किसी दु’श्मनी और दुर्भा’वना से ग्रसित व्यक्तियों द्वारा सा’जिश के तहत पुलिस को गलत सूचना देकर छा’पेमारी करवा किसी अन्य व्यक्ति को गिर’फ्तार करवाने जैसे भी कोशिश की जाती है. हाल के दिनों में ऐसे कई मामले प्रकाश में आये हैं. जिसमें ऐसे ग’लत, भ्रा’मक और फ’र्जी सूचनाऐं प्रकाशित/प्रसारित कर उन्हें वा’यरल कर दिया गया, जिससे सा’म्प्रदायिक सौ’हार्द बिगड़ने से पुलिस प्रशासन के समक्ष विधि व्यवस्था की सम’स्या उत्पन्न हो जाती है.

इन मामलों पर संज्ञान लेते हुये पटना सेन्ट्रल रेंज के पुलिस उपमहानिरीक्षक राजेश कुमार ने आदेश जारी कर कहा कि यदि जांचोपरान्त सामाजिक स’द्भाव बि’गाड़ने की मंशा परिलक्षित होती है तो ऐसे असा’माजिक त’त्वों को चिन्हित कर उन पर आई० टी० एक्ट एवं आईपीसी की सुसंगत धा’राओं के अंतर्गत प्राथ’मिकी द’र्ज कर स’ख्त से स’ख्त का’र्रवाई की जायेगी. ऐसे ग’लत, भ्रा’मक और फ’र्जी सूचनाओं के प्रचारित/प्रसारित होने से जा’तीय त’नाव के साथ-साथ साम्प्रदायिक हिं’सा की प्रबल संभावना बनी रहती है.

डीआईजी श्री कुमार ने कहा कि किसी अवां’छित त’त्व द्वारा अपना हित साधने के लक्ष्य हेतु पुलिस को ग’लत सूचना देकर किसी निर्दोष को फं’साने से निर्दोषों को उत्पीड़न के साथ ही मानसिक, शारीरिक व आर्थिक रूप से भी परे’शानी उठानी पड़ती है. उन्होंने इस सम्बन्ध में पटना एसएसपी समेत सभी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों, पुलिस उपाधीक्षकों और सभी थानाध्यक्षों को स’ख्त निर्देश जारी करते हुये कहा है कि ऐसे मामलों में बारीकी से जांच-पड़ताल करते हुये दो’षियों के विरुद्ध विधिसम्मत का’र्रवाई सुनिश्चित करें.

उन्होंने बताया कि मुख्यालय के निदेशानुसार पुलिस की सा’इबर सेल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के सभी सोशल नेटवर्किंग साईट, व्हाट्सएप, फेसबुक समेत चैट रूमों पर पै’नी नज़र रख रही है, बल्कि मैसेज बॉक्सों और वॉल्स भी पुलिस की सा’इबर सेल की निगाहों में हैं, और उसकी सतत मॉनिटरिंग भी की जा रही है. कई ऐसे मामले पकड़ में आये हैं जिसपर जां’चोपरांत का’र्रवाई की गयी है.
