
PATNA : पारस एचएमआरआई सुपर स्पेशिलिटी हाॅस्पिटल, राजाबाजार, पटना में टेट्रालाॅजी आॅफ फैलेट नामक हृदय रोग की बीमारी से ग्रसित 18 महीने के बच्चे तथा 24 साल की लड़की का जटिल आॅपरेशन किया गया. आॅपरेशन के बाद दोनों की बीमारी ठीक हो गयी. टेट्रालाॅजी आॅफ फैलेट में मुख्यतः सांस लेने में अत्यधिक परेशानी होती है क्योंकि लंग्स की धमनी में आॅक्सीजन की मात्रा कम हो जाती है.
18 महीने के बच्चे का आॅपरेशन करने वाले हाॅस्पिटल के डाॅ. अनुज ने बताया कि बच्चे के हृदय में चार प्रकार की गड़बड़ी थी जो कि जन्मजात थे. उसके हृदय में छेद था तथा लंग्स की धमनियों में रूकावट थी जिससे बच्चे को सांस लेने में तकलीफ, खाने-पीने में दिक्कत हो रही थी, इसके साथ ही वह चिड़चिड़ा भी हो गया था. उन्होंने बताया कि इन गड़बड़ियों के कारण हृदय की संरचना प्रभावित हो रही थी. इससे आॅक्सीजन की कमी वाला खून हृदय तथा शरीर के अन्य भागों में जा रहा था. ये सभी समस्याएं बच्चे के हृदय में चार प्रकार की गड़बड़ियों के कारण हो रही थी. देश के कई बड़े अस्पतालों में दिखाने के बाद भी बीमारी में कोई सुधार नहीं हो पाया तब वह पारस एचएमआरआई हाॅस्पिटल आया. डाॅ. अनुज ने बताया कि इसका आॅपरेशन करना हमारे लिए चुनौती थी, पर पारस में इलाज के लिए उपलब्ध सुविधाओं के कारण यह जटिल आॅपरेशन संभव हो पाया.

उन्होंने कहा कि शुरूआती चरण में बीमारी के पकड़ में आ जाने तथा उसका इलाज हो जाने से टेट्रालाॅजी आॅफ फैलेट से ग्रसित अधिकतर बच्चे तथा व्यस्क सामान्य जीवन व्यतीत करते हैं. लेकिन जीवन भर उसे डाॅक्टरों को दिखाते रहना होगा तथा व्यायाम करने की मनाही रहती है.
चूंकि बच्चा गरीब परिवार का था, इसलिए रोटरी पटना ने उसके आॅपरेशन में मदद की. डाॅ. अनुज ने कहा कि हाॅस्पिटल प्रबंधन तथा रोटरी पटना के संयुक्त प्रयास से आॅपरेशन की पैकेज दर को कम कर आॅपरेशन किया गया. बच्चा अब बिल्कुल स्वस्थ्य है, उसे तीन-चार दिन के बाद हाॅस्पिटल से छुट्टी दे दी जायेगी. कई हाॅस्पिटलों ने बच्चे का इलाज करने से इंकार कर दिया था, तो उसके माता-पिता निराश हो गये थे. परंतु आॅपरेशन के बाद बच्चे के ठीक हो जाने के बाद उन्होंने पारस एचएमआरआई हाॅस्पिटल को धन्यवाद दिया.
बच्चे के मामले की तरह 24 साल की लड़की का भी जटिल आॅपरेशन किया गया जो जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित थी तथा उसे भी चार तरह की हृदय रोग की समस्याएं थीं तथा उसके हृदय में छेद था. उसका आॅपरेशन हाॅस्पिटल के हृदय रोग विशेषज्ञ डाॅ. सुधीर बी वी और उनकी टीम ने किया. लड़की टेट्रालाॅजी आॅफ फैलेट नामक बीमारी से ग्रसित थी. उसके लंग्स में अधिक खून नहीं जा रहा था जिसमें आॅक्सीजन की कमी हो गयी थी तथा कम आॅक्सीजन वाला खून (ब्लू) शरीर में बह रहा था.