#Saharsa #Bihar बिहार के सहरसा (Saharsa) से मानवता (Humanity) को श’र्मसार करने वाली घ’टना सामने आई है. यहां मृ’त बच्चे (Dead Body) के परिजनों को अ’स्पताल प्रबंधन (Hospital Management) द्वारा श’व वाहन तक मु’हैया नहीं कराया गया जिसके बाद परिजन श’व (D’ead Body) को बाइक (Bike) से ही पोस्टमार्ट’म रूम तक लेकर गए.
स्ट्रे’चर तक नहीं कराया मुहैया
परिजनों के मुताबिक उन लोगों ने प्रबंधन से स्ट्रेच’र की मांग भी की लेकिन वो भी नहीं दिया गया. इस दौ”रान बच्चे के श’व पोस्टमा’र्टम के बाहर तकरीबन एक घंटे तक अपने हाथ में लिये परिजन खड़े रहे. बात यहीं तक नहीं जब पोस्टमा’र्टम का दरवाजा किसी ने नहीं खोला तो परिजनों ने खुद से ही पोस्टमा’र्टम रूम का दरवाजा खोला और श’व को अंदर रखा.जानकारी के मुताबिक बच्चे की मौ’त जिले में आई आं’धी-तू’फान से हुई थी.
बच्चे को इ’लाज के लिए परिजन अ’स्पताल से गए थे जहां उसकी मौ’त हो गई. परिजनों के मुताबिक अ’स्पताल में श’व वाहन मौजूद था लेकिन उनको उपलब्ध नहीं कराया गया. इस मा’मले में अ’स्पताल प्रबंधन का पक्ष जानने की कोशिश की जा रही है लेकिन उनसे अभी संपर्क नहीं स्थापित हो सका है.


Input: News 18