
PATNA : बिहार के बहुचर्चित चारा घोटाला मामले में बिहार के पूर्व सीएम और केन्द्र में रेल मंत्री रहे राजद सुप्रीमो लालू यादव रांची के बिरसा मुंडा जेल में बंद हैं. वहीं अब लालू के इस मामले में सजा मिलने को लेकर सवाल भी खड़े होंने लगे हैं. आपको बता दे कि हाल ही में देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी सीबीआई मे रिश्वत को लेकर नंबर दो के अधिकारी राकेश अस्थाना पर एफआईआर दायर हो चुका है.

विदित हो कि ये वहीं राकेश अस्थाना हैं जिन्होंने चारा घोटाले में निष्पक्ष जांच करते हुए लालू यादव को काल कोठरी तक पहुचाया था. लेकिन अब उनपर लगे आरोपों को लेकर राजद ने भी मोदी सरकार पर हमला बोला है. सीबीआई के स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना के खिलाफ अब 3 करोड़ रुपये का घूस लेने का मामला दर्ज हुआ है. वहीं उनपर लगे आरोपों को लेकर आरजेडी ने पीएम मोदी पर हमला करते हुए कहा कि ‘सीबीआईमें जारी गैंगवार ने पीएम मोदी के भ्रष्टाचार मुक्त भारत की पोल खोल दी है.’आपको बता दे कि तकरीबन 950 करोड़ रुपए के चारा घोटाले के मामले में सीबीआई के मौजूदा स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना ने हीं ‘निष्पक्ष’ जांच किया था. आज उनपर खुद सीबीआई की ओर से हीं घूस लेने के इल्जाम में एफआईआर दर्ज किया गया है. उनपर मीट कारोबारी मोइन क़ुरैशी के मामले में जांच के घेरे में चल रहे एक कारोबारी सतीश सना से दो करोड़ रुपए की रिश्वत लेने का आरोप लगा है. अब इस मामले में राजद ने भी अस्थाना पर निशाना साधा है.

इस बारे में बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव के राजनीतिक सलाहकार संजय यादव ने ट्विट के जरिए राकेश अस्थाना के साथ-साथ केंद्र सरकार और पीएम मोदी पर हमला बोलते हुए उन्हे घेरा है. उन्होंने अपने फेसबुक अकाउंट और ट्विटर हैंडल पर लिखा है, ‘चारा घोटाला केस की जांच व तथ्यों को डिस्टोर्ट कर लालू प्रसाद को फंसाने वाले तत्कालीन एसपी व अभी सीबीआई में वर्तमान नंबर 2, राकेश अस्थाना के ख़िलाफ़ सीबीआई ने 3 करोड़ रुपए की रिश्वत लेने का मामला दर्ज किया है.’
तेजस्वी यादव के राजनैतिक सलाहकार संजय यादव ने अपने ट्विट में प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह को अपने निशाने पर लेते हुए लिखा ‘पांच साल पहले से ही गुजरात की स्टर्लिंग कंपनी के घोटाले में वह पहले ही सीबीआई की एफआईआर में नामजद है. यह जानते हुए भी मोदी जी और अमित शाह जी ने उन्हें सीबीआई का स्पेशल डायरेक्टर बनाया.’

संजय ने आगे लिखा है, ‘चारा घोटाले में ही खुलकर यह कहने वाले कि मैं लालू प्रसाद को फंसा के मानूंगा वह यू एन बिस्वास” जो उस वक़्त सीबीआई में अडिशनल डायरेक्टर थे. वो राकेश अस्थाना को कुछ दिन पहले क्लीन चिट दे रहे थे. ऐसा अधिकारी जो ख़ुद रिश्वत लेकर केस मैनेज करता है उस अधिकारी द्वारा अब तक जांचे गए सभी मामलों की जांच दुबारा होनी चाहिए.’
तेजस्वी यादव के राजनीतिक सलाहकार ने आगे हमला बोलते हुए लिखा कि,’इस मामले से आप अब समझ लीजिये लालू जी को फंसाने के लिए इस अधिकारी ने कितनी रिश्वत ली होगी? लालू जी को फंसाने के लिए रिश्वत भी मिली, रिश्ता भी बना और प्रमोशन भी मिला, लेकिन अब सारी पोल खुल गयी.’

राकेश अस्थाना 1984 बैच के गुजरात कैडर के आईपीएस हैं. साल 1996 में वे पहली बार चर्चा में आए, जब उन्होंने चारा घोटाला मामले में लालू यादव को गिरफ्तार किया था. दूसरी तरफ, 2002 में गुजरात के गोधरा में साबरमती एक्सप्रेस में आगजनी की जांच को लेकर गठित एसआईटी का उन्होंने ही किया था. इसके अलावा वह अहमदाबाद ब्लास्ट और आसाराम केस जैसे तमाम चर्चित मामलों की जांच में शामिल रहे हैं. अस्थाना को पिछले साल अक्टूबर में CBI का स्पेशल डायरेक्टर नियुक्त किया गया था.