आईटीआई में संविदा पर पढ़ाने वाले इंस्ट्रक्टरों के लिए अच्छी खबर है। केंद्र सरकार ने इनके लिए न्यूनतम राशि तय कर दी है। अब संविदा पर पढ़ाने वाले को स्थाई इंस्ट्रक्टरों की बेसिक सैलरी की दो-तिहाई राशि मिलेगी। इस आदेश का पालन सरकारी-गैर सरकारी सभी आईटीआई को करना होगा।

आईटीआई में पढ़ाने वालों को अभी प्रति कक्षा पैसे दिए जाते हैं। इसके तहत थ्योरी क्लास में 500 से 800 रुपए दिए जाते हैं, जबकि प्रैक्टिकल क्लास के लिए 300 रुपए घंटे दिए जाते हैं। लेकिन आम तौर पर इंस्ट्रक्टरों को 15 हजार महीने से अधिक नहीं मिलता है। अधिक क्लास नहीं मिलने के कारण अधिकतर इंस्ट्रक्टर पांच से छह हजार में ही गुजारा करते हैं। कम पैसे मिलने के कारण इंस्ट्रक्टर और प्राइवेट आईटीआई संचालकों के बीच अक्सर वाद-विवाद होता है।

कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय ने हाल ही में इंस्ट्रक्टरों के लिए आदेश जारी किया था कि हर हाल में क्राफ्ट्समैनशिप ट्रेनिंग लेने वालों को ही इंस्ट्रक्टर रखे जाएं। अगर कोई प्राइवेट आईटीआई इस आदेश का उल्लंघन करती है तो उसकी मान्यता समाप्त की जाएगी।

इसी कड़ी में अब मंत्रालय ने कहा है कि संविदा पर इंस्ट्रक्टर रखने पर उन्हें तय राशि भी दी जाए। स्थाई इंस्ट्रक्टरों की शुरुआती वेतन की दो-तिहाई राशि उन्हें भुगतान किया जाए। स्थाई कर्मियों को 42 सौ का ग्रेड पे वेतन मिलता है। इस हिसाब से संविदा पर काम करने वालों को भी महीने में कम से कम 20 हजार मिलेंगे। उल्लेखनीय है कि सरकारी आईटीआई में अभी 214 इंस्ट्रक्टर संविदा पर काम कर रहे हैं। जबकि गेस्ट फैकल्टी के तौर पर 1273 इंस्ट्रक्टर सरकारी आईटीआई में काम कर रहे हैं। वहीं प्राईवेट आईटीआई में पढ़ाने वाले इंस्ट्रक्टरों की संख्या हजारों में है।
