रेलवे टिकट रिजर्वेशन के कार्य को निजी एजेंसी के सु’पुर्द कर सकता है, लेकिन टिकट रिजर्वेशन का कार्य निजी हाथों में सौंपने पर रकम की हेराफेरी की संभावना है। इससे रेलवे आरक्षण केंद्र संचालन के लिए आईआरसीटीसी (भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम) को प्राथमिकता सूची में रखा गया है। ताकि आईआरसीटीसी अनुबंध कर्मचारियों को नियुक्त कर रेलवे टिकट का रिजर्वेशन कराए।
रेलवे बोर्ड ने आरक्षण केंद्र को लेकर बन रही योजना में हर जोन से सुझाव मांगा है। दूसरी ओर, रेल मंत्रालय से आईआरसीटीसी मुख्यालय में पत्र भेजा गया है। सूत्रों के अनुसार, रेलवे में 2020 तक आरक्षण केंद्र एवं जेनरल टिकट केंद्र बंद करने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। इससे वाईटीवीएसके, मोबाइल टिकटिंग और एटीवीएम को बढ़ावा दिया जा रहा है।
टिकट जांच करेंगे ईसीआरसी :
आरक्षित टिकट बुकिंग का कार्य निजी एजेंसी को सौंपने के बाद रेलवे इंक्वायरी कम रिजर्वेशन क्लर्क (ईसीआरसी) को स्टेशनों व ट्रेनों की जांच ड्यूटी में लगाएगा। रेलवे को इंक्वायरी कम रिजर्वेशन क्लर्क का पद सरें’डर करने में सहूलियत होगी। अन्य रेलवे जोन में ईसीआरसी को टिकट जांच में लगाया गया है।


