वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को देश के आर्थिक हालत पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि हमारी विकास दर दूसरों से बेहतर है. इस समय अमेरिका और जर्मनी के विकास दर में भी गिरावट देखने को मिल रही है. दुनिया भर के देश मंदी से जूझ रहे हैं. वैश्विक जीडीपी वृद्धि दर संशोधित होकर मौजूदा अनुमान 3.2 प्रतिशत से नीचे जा सकती है. वैश्विक मांग कमजोर रहेगी. अमेरिका-चीन के व्यापार युद्ध का भी असर पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि हमनें श्रम सुधार किये हैं. आप पर्यावरण मंजूरी की हमारी रफ्तार देख सकते हैं. हमने टैक्स जमा करने की प्रक्रिया आसान बनाई. सुधार की प्रक्रिया निरंतर जारी है. अब आपको कोई उत्साही अफसर तंग नहीं कर सकेगा. विजयदशमी से पूरी जांच बेचेहरा होगी.

वित्त मंत्री ने कहा कि जहां संदेह होगा, वहीं जांच होगी. 48 घंटे में जांच रिपोर्ट अपलोड की जाएगी. सरकार लोगों को तंग करे, ये बात बेमानी है. कंपनी एक्ट के तहत 14000 मामले वापस हुए हैं. प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान वित्त मंत्री ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि कॉरपोरेट सोशल जवाबदेही कानून में ढील दी जाएगी. सीएसआर का उल्लंघन अपराध नहीं माना जाएगा. अब मामलों को लटकाकर नहीं रखा जा सकेगा. अब तक के नोटिस का निपटारा एक अक्टूबर तक होगा. वहीं, दूसरे मामलों का जवाब के तीन महीने के अंदर निपटारा होगा. वित्त मंत्री ने कहा कि कैपिटल गेन पर सरचार्ज भी वापस होगा.

वित्त मंत्री ने इस दौरान सरकारी बैंकों को 70 हजार करोड़ रुपये देने का ऐलान किया. उन्होंने कहा कि रेपो रेट से ब्याज दरें भी जुड़ेंगी. रेपो रेट कम होने पर होम और कार लोन सस्ते होंगे. इसी तरह कर्ज की अर्जियां ऑनलाइन देखी जा सकेंगी. लोन सेटलमेंट की शर्तों को आसान बनाया जाएगा.