सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फ्रांस पहुंच गए हैं। भारत विकसित देशों के इस समूह का हिस्सा नहीं है, लेकिन फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों के विशेष आग्रह पर मोदी पहुंचे हैं। विदेश मंत्रालय का कहना है कि यह न्योता दोनों नेताओं के आपसी संबंध और बड़ी आर्थिक ताकत रूप में भारत की पहचान का प्रतीक है।

फ्रांस पहुंचने के बाद पीएम मोदी ने जी 7 देशों के नेताओं के अलावा कई अन्य देशों के नेताओं से भी मुलाकात की।इनमें जापान, कनाडा के राष्ट्राध्यक्ष शामिल रहे।पीएम मोदी ने जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे, कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो से मुलाकात की।सम्मेलन में पहुंचे मोदी ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन से मुलाकात की।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने बताया, ‘दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय संबंधों, रक्षा, सुरक्षा एवं व्यापार समेत कई मुद्दों पर बात हुई। मोदी ने एशेज श्रृंखला के तीसरे टेस्ट मैच में इंग्लैंड की रोमांचक जीत पर भी जॉनसन को बधाई दी।’मोदी ने संयुक्त राष्ट्र के प्रमुख एंटोनियो गुतेरस से भी विभिन्न मसलों पर बात की।

G-7 की बैठक में मोदी पर्यावरण, जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन जैसे मुद्दों पर प्रस्तावित दो सत्रों को संबोधित करेंगे। इसके अलावा मोदी विभिन्न वैश्विक नेताओं से द्विपक्षीय चर्चा भी करेंगे। इस दौरान अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से कश्मीर समेत कई द्विपक्षीय मसलों पर भी उनकी चर्चा हो सकती है।



