लोहरदगा के पास झालजमीरा गांव में सोमवार की रात भाई की बीमा’री में हुए मौ’त के बाद छोटे भाई की अं’धविश्वास में ह’त्या कर देने का मा’मला सामने आया है। यह मा’मला झालजमीरा गांव के बड़का टोली में रात्रि 9 बजे हुई।जानकारी के मुताबिक गांव के बिरसा उरांव (58 वर्षीय) की मौत लंबी बीमा’री के बाद हो गई। इसके मौ’त की सूचना देने उसके छोटे भाई सहनय के घर गांव के लोला उरांव, प्रदीप उरांव और धन कुंवर उरांव आदि गये थे। वहां जाकर कहा कि आपके भैया की मौत हो गई है। पानी देने के लिए चलिए। इस पर बिरसा के छोटे भाई सहनय उरांव वहां गया। बिरसा के घर में परिजन और ग्रामीणों मौजूद थे। सहनय जब मृ’तक भाई को पानी दे रहा था, तब वहां मौजूद लोगों उसकी पि’टाई शुरू कर दी। साथ घंटा बजा दिया। इससे आसपास के टोलों के लोग भी वहां आ गए।
सभी सहनय की पि’टाई ला’ठी-डंडा, चप्पल-जूता और चा’कू से करने लगे। सड़क पर ले जाकर उनकी ह’त्या कर दी गई। सहनय पर आ’रोप लगाया की इसके वजह से ही बिरसा की मौ’त हुई है।यह डा’यन-बिसाहा करता है।
वहां जाकर कहा कि आपके भैया की मौत हो गई है। पानी देने के लिए चलिए। इस पर बिरसा के छोटे भाई सहनय उरांव वहां गया। बिरसा के घर में परिजन और ग्रामीणों मौजूद थे। सहनय जब मृ’तक भाई को पानी दे रहा था, तब वहां मौजूद लोगों उसकी पि’टाई शुरू कर दी। साथ घंटा बजा दिया। इससे आसपास के टोलों के लोग भी वहां आ गए।
सभी सहनय की पि’टाई ला’ठी-डंडा, चप्पल-जूता और चा’कू से करने लगे। सड़क पर ले जाकर उनकी ह’त्या कर दी गई। सहनय पर आ’रोप लगाया की इसके वजह से ही बिरसा की मौ’त हुई है।यह डा’यन-बिसाहा करता है।मंगलवार को घ’टना की जानकारी सहनय के बड़े बेटे एतवा उरांव सेन्हा थाने को दी। सूचना पर डीएसपी परमेश्वर प्रसाद और थाना प्रभारी सिधेश्वर महथा दल बल के साथ मौके पर पहुंचे। उस वक्त बिरसा की ला:श उसके घर में पड़ा था और सहनय की ला’श सड़क पर।
गांव अधिकांश पुरुष सदस्य घ’टना के बाद से ही गांव में नहीं हैं। एतवा ने बताया कि दो दिन पहले ही उसका छोटा भाई धर्मदेव उरांव कमाने के लिए चेन्नई गया है। अभी वह वहां पहुंचा भी नहीं होगा। बड़े पापा के मौत का जिम्मेवार मेरे पापा को ठहरा दिया गयास उसकी हत्या कर दी गई। मेरी दोनों बहनों की शादी हो चुकी है। गांव में तीन टोला है- पीपल टोली, टोंगरीटोली और बड़का टोली। घ’टना के वक्त पूरे गांव के लोग आए थे। पहचानते हुए भी मेरे पिताजी को डायन बिसाहा कहकर सब पीटने लगे। कहा कि गांव में जितने लोगों की मौत हो रही है। वह सहनय के कारगुजारी की वजह से ही हो रहा है। वह बिसाहा है। ऐसा अंधविश्वास का क्या किया जा सकता है।हम अब अकेले है। हमारी भी ह’त्या ग्रामीण कर सकते है।

