#BIHAR में अब होगा दुधारू पशुओं का बीमा, बीमा कंपनी का चयन बाकी

#PATNA #BIHAR #INDIA : राज्य में मनुष्यों के बाद अब दुधारू पशुओं का बीमा करने की तैयारी है। खास बात है कि बीमा होने के बाद यदि मवेशी की मौत हो जाती है तो 15 दिनों के अंदर बीमे की राशि का भुगतान अनिवार्य रूप से होगा। सूत्रों के मुताबिक बीमा के लिए कंपनी का चयन हो गया है।

नेशनल लाइव स्टाक मिशन के ‘रिस्क मैनेजमेनट कंपोनेंट के तहत सभी जिलों में यह बीमा योजना चलायी जाएगी। इस योजना का उद्देश्य पशुओं की आकस्मिक मौत होने पर पशुपालकों को होने वाली आर्थिक क्षति से बचाना है। राज्य में इस योजना का कार्यान्वयन बिहार लाइव स्टाक डेवलपमेंट एजेंसी के माध्यम से किया जाना है। पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग ने पिछले वर्ष ही इस योजना की रूपरेखा तैयार कर ली थी।

इस पर अमल चालू माह से शुरू हो जाएगा। दरअसल, ग्रामीण क्षेत्रों में उचित देखभाल और चिकित्सा के अभाव में हर साल सैकड़ों दुधारू पशुओं की असामयिक मौत हो जाती है। दूध व इसके उत्पादों से होने वाली आमदनी को देखते हुए पशु पालक महंगे मवेशी पालते हैं। साहिवाल, जर्सी, फ्रिजीयम, गिर आदि अधिक दूध देने वाले बढ़िया नस्ल के गाय-भैंस पाले जाते हैं। आमतौर पर इनकी कीमत 45 से 80 हजार तक होती है। लेकिन अक्सर मामूली या किसी संक्रामक बीमारी से इनकी मौत होने के बाद पशु पालकों को भारी नुकसान होता है। इसका असर सामान्य कृषि कार्य पर भी पड़ता है। इसी के मद्देनजर सरकार ने बीमा योजना की शुरुआत की है।

बीमा की वार्षिक दर पशुओं के न्यूनतम मूल्य का अधिकतम तीन प्रतिशत होगी। सामान्य वर्ग (एपीएल) के लाभुकों को बीमा प्रीमियम की राशि का 50 प्रतिशत भाग स्वयं वहन करना होगा, जबकि बीपीएल श्रेणी के लोगों को मात्र 30 प्रतिशत ही राशि देनी होगी। बीमित पशुओं की पहचान के लिए उनके कान में ईयर टैग लगाया जाएगा। इसमें माइक्रो चिप लगा होगा, जिसमें पशु से संबंधित पूरा ब्योरा होगा बीमा योजना से दुग्ध उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी। चालू वर्ष में कम से कम 27 हजार दुधारू मवेशियों के बीमा का लक्ष्य है। इस लक्ष्य को और बढ़ाया जाएगा।

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