

सिपाही सरोज झा ने देर शाम पुलिस को दिये गये बयान में कहा कि ‘हमें जीने की इच्छा नहीं थी। इस कारण हमलोगों ने आ’त्महत्या करने का फैसला किया। ट्रेन को आता देख हमलोग ट्रैक पर लेट गये। नंदिनी बीच ट्रैक पर थी’। किनारे रहने के कारण सरोज ट्रेन के झ’टके से दूर जा गि’रा जबकि नंदिनी ने वहीं द’म तो’ड़ दिया। सरोज का हाथ क’ट चुका है। उसे सिर में भी ग’हरी चो’ट है।

नंदिनी और उसका प्रेमी सरोज पटना के होटल वृंदावन में ठहरे थे। पुलिस ने वहां जाकर तहकीकात की तो पता चला कि दोनों ने होटल के रजिस्टर में खुद को पति-पत्नी बताया था। घरवालों की मर्जी के खिलाफ वे शादी करने की तैयारी में थे। हालांकि सरोज यह कह रहा था कि एक तरीके से उसने नंदिनी के साथ शादी कर ली थी। दोनों ने तीन दिनों की छुट्टी ली थी, जिसके बाद वे देवघर से निकलकर पटना पहुंचे थे। देवघर साइबर सेल के अफसरों ने बताया कि दोनों सिपाहियों को जब पुलिस के आला अफसरों ने वापस आने को कहा तो वे तैयार हो गये। गुरुवार को दोनों ने पटना लौटने की बात कही थी।
