उस वक्त ड्यूटी पर तैना’त महिला व पुरुष कर्मचारी मोबाइल पर गेम खेल रहे थे। नारी निकेतन की प्रभारी मंजू गुप्ता ने भी इस ओर ध्यान देना जरूरी नहीं समझा कि आखिर नसीमा इतनी देर तक आखिर है कहां।तला’श शुरू की तो पता चला कि नसीमा टॉयलेट में है। जाकर देखा तो दरवाजा अंदर से बंद था। जो’र से दरवाजा हिलाया तो कुंडी खुल गई। देखा तो नसीमा फां’सी के फं’दे पर झू’ल रही थी।
तब तक काफी देर हो चुकी थी। नारी निकेतन की प्रभारी मंजू गुप्ता अस्पताल ले गईं। इमरजेंसी पर तैनात डाक्टरों ने काफी देर पहले मौत होने की पुष्टि की। इससे नारी निकेतन केंद्र पर तैना’त स्टाफ की घोर ला’परवाही उजागर होती है। मा”मले की जांच की जा रही है। जल्द ही दो’षी कर्मचारियों पर गा’ज गि’रेगी।



