वह समाज में रहने ला’यक नहीं है। उसने दि’मागी तौर पर ऐसा अ’पराध किया है। उसे अ’पहरण करने के जुर्म में 10 वर्ष, यौ’नाचार के जुर्म में 10 वर्ष और साक्ष्य छुपाने तथा अ’पराध से बचने के लिए पुलिस-प्रशासन को गुमराह करने के लिए दो वर्ष और ह:त्या करने के जु’र्म में उ’म्रकै’द की स’जा सु’नाई गई। एक लाख रुपये का दं’ड भी लगाया गया है। कोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट किया है कि दो’षी की सभी स’जा एक साथ नहीं चलेंगी, बल्कि एक स’जा का’टने के बाद दूसरी स’जा का’टनी होगी।
ह’त्या में उम्रकै’द की स’जा का’टने के बाद उसे अप’हरण की स’जा का’टनी होगी। उसके बाद यौ’नाचार के अप’राध की स’जा का’टनी होगी। उसके बाद साक्ष्य छुपाने के जु’र्म में स’जा का’टनी होगी. गौरतलब है कि यह घ’टना दीघा थाने के कुर्जी स्थित मगध कॉलोनी में 10 अप्रैल, 2013 को हुई थी। इसमें कैलाश कुमार उर्फ नेपाली ने एक 10 वर्षीय बच्चे को अ’पहरण कर लिया।
यौ’नाचार करने के बाद ईंट से कु’चलकर उसकी ह’त्या कर दी थी। साक्ष्य छुपाने और इस अ’पराध से ब’चने के लिए आ’रोपित ने पुलिस प्रशासन को गुम’राह किया था। इस मा’मले में अभियोजन की ओर से 11 अभियोजन ग’वाहों को पेश किया गया था। वहीं, आ’रोपित नेपाली को जिला विधिक प्राधिकार पटना की ओर से वकील दिगंबर कुमार सिंह मुहैया कराए गए थे।


