कु’ख्यात आ’तंकवादी कलीमुद्दीन को #JHARKHAND #ATS की टीम ने किया गिर’फ्तार

#JHARKHAND #INDIA : आ’तंकी संगठन अलकायदा का कु’ख्यात संदिग्ध आ’तंकवादी मौलाना मोहम्मद कलीमुद्दीन मुजाहिदीन को झारखंड एटीएस की टीम ने जमशेदपुर के आजादनगर से गि’रफ्तार किया है। संदिग्ध आतंकी कलीमुद्दीन जमशेदपुर में न्यायालय से जमानत लेने और परिवार से मिलने के लिए आया था। खबर मिलने के बाद एटीएस की टीम ने जमशेदपुर स्टेशन रोड में छापेमारी की और उसे दबोच लिया। कलीमुद्दीन तीन साल से फरार चल रहा था। वह झारखंड के बाहर दूसरे राज्य में पनाह लिया हुआ था।

एटीएस के एसपी के विजयालक्ष्मी ने पत्रकारों को बताया कि मो कलीमुद्दीन दिल्ली के तिहाड़ जेल में बंद मो अब्दुल रहमान अली खान उर्फ हैदर उर्फ मसूद उर्फ कटकी का सहयोगी है। वही अब्दुल समी उर्फ उजैर उर्फ हसन, जिशान हैदर तिहाड़ में और अहमद मसूद अकरम उर्फ मसूद उर्फ मोनू, राजू उर्फ नसीम अख्तर जमशेदपुर के जेल में बंद है। इन आ’तंकियों ने मो कलीमुद्दीन को अपना सहयोगी बताया था। इसी आधार पर कलीमुद्दीन के खिलाफ जमशेदपुर में 25 जनवरी 2016 को प्राथमिकी दर्ज की गई थी। उस समय से संदिग्ध आतंकी कलीमुद्दीन फरार चल रहा था। कलीमुद्दीन बिहार, झारखंड, बंगाल समेत पूर्वी क्षेत्र में युवाओं को जेहाद के लिए तैयार कर रहा था। एटीएस उसे किसी अज्ञात स्थान पर ले जाकर पूछताछ कर रही है।

एटीएस के एडीजी अभियान मुरारी लाल मीणा ने बताया कि वह लंबे वक्त से आतंकी संगठन अलकायदा से जुड़ा हुआ था। देश भर की सुरक्षा एजेंसियां साल 2016 से ही अलकायदा के इस कुख्‍यात सं’दिग्ध आतं’की की तलाश में थी। पकड़ा गया संदिग्ध आतंकी झारखंड में स्लीपर सेल तैयार कर रहा था। यही नहीं वह जिहाद के लिए लोगों का ब्रेन वॉश करता था और उन्हें तैयार करता था। मीणा ने बताया कि वह संदिग्ध आ’तंकवादी गतिविधियों में संलिप्त होने की वजह से वांछित था और तीन साल से फरार था।


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