#BHAGALPUR #BIHAR #INDIA : भागलपुर में गंगा के जलस्तर की रफ्तार धीरे-धीरे तेज होती जा रही है। गंगा के जलस्तर में धीमी वृद्धि के बावजूद अभी भी भागलपुर शहर में गंगा नदी अपने उच्चतम स्तर 34.72 मीटर से 53 सेमी नीचे बह रही हैं। केंद्रीय जल आयोग के पूर्वानुमान के मुताबिक, अगले 24 घंटे में गंगा के जलस्तर में और वृद्धि हो सकती है।

धीरे-धीरे तेज हो रही जलस्तर में वृद्धि की रफ्तार
मंगलवार को दोपहर बाद तीन बजे शहर के हनुमानघाट में गंगा 34.13 मीटर पर बह रही थी। अगले 19 घंटे (बुधवार की सुबह दस बजे) गंगा नदी का जलस्तर 34.16 मीटर हो गया। दोपहर बाद तीन बजे गंगा का जलस्तर 34.17 मीटर था तो शाम छह बजे तीन सेमी की बढ़त के साथ 34.18 मीटर हो गया। रात आठ बजे गंगा का जलस्तर 34.19 मीटर हो गया था। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, बुधवार को दोपहर तक गंगा का जलस्तर स्थिर था लेकिन शाम के बाद बढ़ाव पर आ गयी। अभी हर घंटे 0.5 सेमी की रफ्तार से गंगा बढ़ रही है।

सवा दो सौ से अधिक गांव पानी से घिरे
भागलपुर जिले के करीब सवा दो सौ से अधिक गांव गंगा में आयी बाढ़ के पानी से घिर चुके हैं। कहलगांव-पीरपैंती का शहर से संपर्क टूट गया है। अब सिर्फ आने-जाने के लिए ट्रेन ही जरिया बचा है। जबकि भागलपुर शहर में आदमपुर क्षेत्र के बैंक कॉलोनी, वार्ड संख्या चार, 21, 22 समेत आधा दर्जन वार्डों के निचले इलाके के कई घर बाढ़ के पानी से घिर गये हैं। इसके अलावा तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय के पीजी छात्रावास, प्रशासनिक भवन बाढ़ के पानी में घिर चुका है।

इंजीनियरिंग कॉलेज का हॉस्टल, क्वार्टर मेस व प्रशासनिक भवन परिसर में डेढ़ से तीन फीट तक पानी भर गया है। ट्रिपल आईटी कैंपस भी बाढ़ के पानी में आंशिक रूप से घिर चुका है। इसके सीएमएस स्कूल समेत जिले के 130 से अधिक स्कूल बाढ़ के पानी की जद में आ चुके हैं। शहर से सटे बाढ़ प्रभावित गांवों के लोग टीएमबीयू के टिल्हा कोठी परिसर व टीएनबी कॉलेजिएट परिसर में अस्थायी राहत शिविर में अपना-अपना ठिकाना बना चुके हैं जबकि सबौर क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांवों के लोग हवाई अड्डा परिसर व सबौर स्कूल में अपना-अपना टेंट गाड़ चुके हैं।

Like this:
Like Loading...