#BHAGALPUR #BIHAR #INDIA : भागलपुर में 45 साल बाद पीड़ि’त पक्ष को मिला न्याय। अपने सगे चाचा की ह’त्या करने वाले भतीजे को जिला कोर्ट ने सुनाई उम्रकै’द की सजा। अपर जिला व सत्र न्यायाधीश (आठ) महेश प्रसाद सिंह ने बुधवार को 45 साल पुराने चाचा धनंजय चौधरी की ह’त्या मामले में भतीजे चतुरानंद चौधरी उर्फ मंटू चौधरी को उम्रकै’द की सजा सुनाई।

कोर्ट ने आ’रोपी को 10 हजार रुपये का जुर्मा’ना भी लगाया। जुर्माना नहीं देने पर आ’रोपी को जेल में छह माह की अतिरिक्त सजा काटनी पड़ेगी। धनंजय चौधरी कहलगांव के कम्युनिष्ट पार्टी के नेता थे।

भागलपुर जिले के सन्हौला थाना क्षेत्र के पोठिया गांव में 28 अप्रैल, 1974 को पटवन वि’वाद में गोतिया के पट्टीदार और कम्यूनिष्ट पार्टी के नेता धनंजय चौधरी की लाइसेंसी बंदू’क से गोली मारकर ह’त्या कर दी गई थी। आरोप था कि घटना के दिन आरोपी के पिता चंद्रकिशोर चौधरी खेत में पटवन करा रहे थे। इसी दौरान धनंजय चौधरी के नौकर राजू दास ने मवेशी को खेत में घुसा दिया। इससे पानी का डांड़ टूट गया था। पूर्व से दोनों भाइयों के बीच जमीन का वि’वाद चल रहा था।

आ’रोप था कि वि’वाद के बीच भतीजे ने लाइसेंसी बंदूक लाकर चाचा की गोली मारकर हत्या कर दी। इस मामले में विजयकांत चौधरी के बयान पर चंद्रकिशोर चौधरी, उनके तीन बेटों रवीन्द्रकांत चौधरी, मदन चौधरी, चतुरानंद चौधरी और अन्य रामविलास यादव को आ’रोपी बनाया गया था। कोर्ट में ट्रायल के दौरान चंद्रकिशोर चौधरी और रामविलास यादव की मौत हो गई। घटना के समय मदन चौधरी नाबालिग थे।


Source : Ndtv
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