#BIHAR #INDIA : सड़क दुर्घ’टना पर काबू पाने के लिए राज्यभर में 57 अंडरपास व फुटओवर ब्रिज बनेंगे। इसका निर्माण वैसे स्थानों पर होगा जहां सड़क पार करने में अभी जान-माल का नुकसान अधिक हो रहा है। पथ निर्माण विभाग ने इन दुर्घ’टना वाले स्थलों की पहचान कर उस पर निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

बीते दिनों राज्य के 124 स्थानों को चिह्नित किया गया, जहां सबसे अधिक दुर्घटनाएं होती हैं। इसमें से 114 स्थलों पर दुर्घटना रोकने के लिए अंडरपास व फुटओवरब्रिज बनाए जाएंगे, जबकि 10 स्थानों पर सड़कों में ही आंशिक सुधार कर उसे दुर्घटनारहित किया गया है। अभी 33 अंडरपास चालू हैं, जहां से गाड़ियां आज-जा रही हैं। 23 और अंडरपास बनाए जा रहे हैं, ताकि एक से दूसरी ओर गाड़ियों के आने-जाने में होने वाली दुर्घटनाओं को रोका जा सके। वहीं, पैदल चलने वालों की सुविधा के लिए एनएच व एसएच में भी अंडरपास बनाए जा रहे हैं। अभी चार ऐसे अंडरपास चालू हैं। पैदल चलने वालों के लिए 19 और स्थानों पर अंडरपास बनेंगे। एनएच व एसएच पर फुटओवरब्रिज (एफओबी)भी बनाए जाएंगे। अभी एक एफओबी चालू है। 15 और स्थानों पर एफओबी बनाने की का’र्रवाई शुरू कर दी गई है।

दुर्घटना रोकने को एनएच व एसएच का रोड सेफ्टी ऑडिट भी हो रहा है। बिहार की सड़कों को और कैसे सुरक्षित बनाया जा सकता है, ऑडिट इसी बिंदु पर हो रही है। 4005 किलोमीटर स्टेट हाईवे-एसएच में से 18 सौ किलोमीटर से अधिक का ऑडिट हो चुका है। उधर, तय लक्ष्य 2500 किमी नेशनल हाईवे-एनएच में से लगभग 1500 किमी रोड का सेफ्टी ऑडिट हो चुका है। ऑडिट की रिपोर्ट के अनुसार सड़कों को दु’र्घटनारहित बनाने के लिए सरकार उस पर कार्रवाई करेगी।
