#MUZAFFARPUR : तरूणआभा ने खादी एवं ऑर्गेनिक रेडीमेड गारमेन्ट्स को जन जन तक पहुँचाने का लिया संकल्प।

मुजफ्फरपुर। स्थानीय सुतापट्टी स्थित लक्ष्मी भवन मे आज तरूणआभा ने अपने संस्थान का शुभारंभ शुभम विकलांग केन्द्र के बच्चों से दीप प्रजवलित कर करवाया। उद्धाटन समारोह मे दीप प्रज्वलित करने वाले अन्य गणमान्य लोगों मे राजकुमार चौधरी, आभा चौधरी, संगीता अग्रवाल, डा० अमृता एवं मिसेज़ इंडिया फाइनलिस्ट राजनंदनी मुख्य थी।

इस अवसर पर करतरूणआभा इंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड की संस्थापक आभा चौधरी ने बताया कि उन्होंने इसकी शुरुआत ऑर्गेनिक एवं ऑर्गेनिक रेडिमेड गारमेंट तैयार करने के लिए किया है जो हर उम्र के बच्चे से बूढ़े के लिए स्वास्थ्य के नजर से अनुकूल है।

उन्होंने दावा करते हुये कहा कि वे अपने गारमेंट सिर्फ नेचुरल फाइबर द्वारा तैयार किए गए कपड़ों से ही तैयार करेंगी। उन्होंने कहा कि नेचुरल फाइबर्स का अर्थ है पेड़-पौधों फूल के द्वारा प्रकृति रूप से तैयार हुए कुकन से बने हुए फाइबर्स के बने हुए कपड़ों द्वारा परिधान तैयार करूंगी । जो डिजाइनर भी होगा और स्वास्थ्य के लिए सही भी ।

संस्थापक आभा ने बताया कि उनके ब्रांड में मैन मेड फाइबर जो पेट्रोलियम और केमिकल एवं कुछ प्रोडक्ट के री-साइकिल से बनता है यानी कि पॉलिस्टर सिंथेटिक के किसी कपड़ों का इस्तेमाल नहीं करती हु। जैसा कि आप सभी जानते हैं केमिकल कभी स्वास्थ के लिए अच्छा नहीं होता क्योंकि हम सभी आज के दिन में इतने जागरूक तो जरूर है कि पानी आरो का पीते हैं खाने में सफाई बरतते हैं नहाने और कपड़े धोने या चेहरा धोने या हाथ साफ करने के लिए अच्छा साबुन सैनिटाइजर फेस वॉश का इस्तेमाल करते हैं।

उन्होंने कहा कि यह एक अजीब बात है की गारमेंट्स में हम अभी भी सिंथेटिक और पॉलिस्टर का इस्तेमाल करते हैं जो कि हमारे स्वास्थ्य के लिए बिल्कुल हानिकारक है या फिर मैं यह कहे कि मैन मेड फाइबर ऑन नेचुरल फाइबर्स में क्या अंतर होता है और यह हमें क्या अच्छा या बुरा हमारे स्वास्थ्य पर फर्क पड़ता है इसका पता ही नहीं है जबकि इसका हमें अच्छे से पता हैं साथ ही मैन मेड फाइबर बनाने के समय भी काफी प्रदूषण बनता है जो हमारे प्रकृति और हमें नुकसान दे रहा है।

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