महाराष्ट्र और हरियाणा विधानसभा चुनाव प्रचार के बीच पार्टी अध्यक्ष पद से राहुल गांधी के इस्तीफे को लेकर शुरू हुई बयानबाजी ने कांग्रेस की चिंता बढ़ा दी है। पार्टी का मानना है कि चुनाव प्रचार के बीच इस तरह की बहस से पार्टी को चुनाव में सियासी नुकसान हो सकता है।

बहस का कोई मतलब नहीं : पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि राहुल गांधी को अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिए तीन माह से अधिक वक्त बीत चुका है। ऐसे में इस समय इस बहस का कोई मतलब नही है। कांग्रेस अध्यक्ष के तौर पर सोनिया गांधी हमारी नेता है और हम उनके नेतृत्व में चुनाव लड़ रहे है। ऐसे में पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद को इस तरह के बयानों से परहेज करना चाहिए था।

पूरी ताकत भाजपा के खिलाफ लगाएं : पार्टी प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कांग्रेस मुख्यालय में मीडिया से बात करते हुए कहा कि विधानसभा चुनाव प्रचार में पार्टी भाजपा की कमजोरी, नाकामी और भ्रष्टाचार को बेनकाब रही है। हम उम्मीद करते हैं कि हमारे साथी भी अपनी पूरी ताकत भाजपा को बेनकाब करने में खर्च करे। यह ज्यादा अच्छा रहेगा।
